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गर्भावस्था के बाद वजन घटाना (इसका महत्व क्या है, और इसे कैसे करना है)

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गर्भावस्था, नई जिंदगी को जन्म देने का एक चमत्कार है। यह अपने आप में एक अनोखा अनुभव है, जो अक्सर माता-पिता दोनों के लिए बहुत भावुक होता हैं। माता-पिता बनने की खुशी के अलावा, मां बहुत सारे शारीरिक परिवर्तनों से गुजरती है जो काफी असहज हो सकती हैं। इनमें से सबसे चिंताजनक परिवर्तन, गर्भावस्था के दौरान बढ़ने वाला अतिरिक्त वजन होता हैं।

अतिरिक्त वजन बढ़ना एक प्राकृतिक तंत्र है। इसमें मातायें दूध का उत्पादन करने के लिए फैट के भंडार का निर्माण करती है। गर्भावस्था के दौरान बढ़ने वाले वजन में बच्चा, प्लेसेंटा, एमनियोटिक फ्लूइड, ब्रेस्ट टिश्यू, गर्भाशय में बढ़ना तथा शरीर में खून की मात्रा में बढ़ोत्तरी भी शामिल है।

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गर्भावस्था के बाद वजन बढ़ने और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में तथ्य

• गर्भावस्था से पहले अधिक वजन: यह पाया गया है कि लगभग 45 प्रतिशत महिलायें अपनी गर्भावस्था, अधिक वजन या मोटापे से शुरू करती हैं। यह 1983 में यह  24 प्रतिशत कम था।

• गर्भावस्था में वजन बढ़ना: अध्ययनों से यह भी पता चला है कि, लगभग 43 प्रतिशत महिलाओं का वजन गर्भावस्था के दौरान बढ़ जाता है। गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त वजन और गर्भावस्था से पहले का वजन, गर्भावस्था के बाद वजन बढ़ने के दो सबसे महत्वपूर्ण कारण हैं।

• अतिरक्त प्रसवोत्तर वजनः इसका मोटापे से जुड़ी बीमारियों जैसे हाइपरटेंशन और डायबिटीज के विकास में बड़ा योगदान पाया जाता है। एक अध्ययन से पता चला है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के बाद के बढ़े हुये वजन को कम नहीं कर पायी थीं, उनमें 13 प्रतिशत मामलों में डायबिटीज या प्री डायबिटीज और 31 प्रतिशत मामलों में दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) या डिस्लिपिडिमिया की समस्या विकसित हुयी थी।

• स्तनपान और वजन घटाना: कई अध्ययनों से पता चला है कि, जो मातायें अपने बच्चे को अधिक से अधिक 12 सप्ताह के लिए स्तनपान कराती है और खुद को एरोबिक गतिविधियों में शामिल करती है, उनमें 15 साल के बाद बीएमआई कम पाई गई थी।

• भविष्य की गर्भावस्था में कठिनाई: मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज विकसित होने का खतरा रहता है, जो मां और बच्चे दोनों को प्रभावित कर सकता है। गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज विकसित करने वाली महिलाओं में दिल की बीमारी, टाइप II डायबिटीज और मेटाबोलिक सिंड्रोम की समस्याओं में बढ़ोत्तरी देखी गयी है। जबकि, उनके बच्चों में मोटापे की दर अधिक पाई गई, और गैर संचारी रोगों का खतरा अधिक पाया गया।

• भविष्य के प्रसव में कठिनाई: अधिक वजन बढ़ने से प्रसव प्रक्रिया भी गड़बड़ा जाती है,जिससे जन्म में जटिलताएं पैदा होती हैं। यह पाया गया है कि 20 प्रतिशत से अधिक महिलाएं बच्चे को जन्म देने के बाद अपने मूल वजन का 5 किलो से अधिक बनाये रखती हैं।

क्या वजन कम करने का कोई सही समय है?

बहुत सारे सबूत गर्भावस्था के बाद वजन बनाए रखने के विपरीत प्रभावों की ओर इशारा करते हैं, जिससे प्रसव के 15 वर्षों के बाद भी चिकित्सा समस्यायें बन जाती हैं। नतीजतन, गर्भावस्था के दौरान प्राप्त होने वाले अतिरिक्त वजन को कम करना महिला के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

• पहले छह सप्ताह: डिलीवरी के बाद पहले 6 हफ्तों के दौरान कम से कम 50 प्रतिशत वजन कम हो जाता है।

• छह सप्ताह की जांच: किसी भी वजन घटाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले 6 सप्ताह की जांच तक इंतजार करना चाहिए। जन्म के बाद दूध की आपूर्ति सामान्य होने में  लगभग 2 महीने लगते हैं, जो बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, इस समय तक वजन घटाने की प्रक्रिया पर रोक रखने की सलाह दी जाती है।

• 6 सप्ताह के बाद: छह सप्ताह के बाद, प्राप्त वजन का बाकी बचा 50 प्रतिशत 6 से 12 महीने में कम हो जाता है। बाद के वर्षों में मोटापे से बचने के लिए आपको इस अवधि के दौरान अपने प्री-प्रेगनेंसी वजन को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

आदर्श वजन घटाना क्या होना चाहिए?

वजन घटाना कठोर के बजाय धीमा और लंबे समय तक होना चाहिए। शुरूआत में, प्रति सप्ताह 1.5 पाउंड वजन कम करना निर्धारित होना चाहिए, जो स्तनपान को प्रभावित नहीं करता है। तय समय में मनचाहा वजन पाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। अतिरिक्त कैलोरी को कम करते समय ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है कि स्वस्थ स्तनपान को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त 500 कैलोरी की आवश्यकता होती है। एक दिन के लिए निर्धारित कैलोरी के सेवन को कम करने करने की कोशिश न करें।

गर्भावस्था के बाद वजन कम करने के लिए क्या करें?

चूंकि यह एक समय लेने वाली प्रक्रिया है, इसलिए इसमें प्रेरणा या अस्वस्थ आहार की लालसा खोना स्वाभाविक है। इसे लगातार करने का उद्देश्य बनाने और आदत का निर्माण करने की कोशिश करें। नीचे बताए गए वैज्ञानिक रूप से सिद्ध युक्तियों में से कुछ, स्वस्थ रहते हुए वजन घटाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

 

स्तनपान

हर स्तनपायी की तरह, होमो सैपियन मादाएं शिशु को स्तन के दूध से खिलाने में सक्षम होती हैं, जो प्रसवोत्तर न केवल वजन कम करने में  मदद करती है बल्कि शिशु को विकसित होने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है।

वजन में कमी: कई अध्ययनों से उन माताओं में वजन में कमी देखी गई है जिन्होंने 6 महीने की अवधि तक स्तनपान कराना जारी रखा। गर्भावस्था के बाद वजन प्रतिधारण भी पूर्ण स्तन फीडर में लगभग 1.38 kg, और मिश्रित फीडर में 0.85kg किलो कम पाया गया था।

माताओं को अन्य लाभ: स्तनपान डायबिटीज, स्तन (ब्रेस्ट) और अंडाशय (ओवेरियन) के कैंसर को रोकने में भी मदद करता है।

बच्चे को लाभ: स्तन के दूध में सफेद रक्त कोशिकाएं, व्हे प्रोटीन और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री होती है, जो बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली को विकसित करने में मदद करती है। यह अस्थमा, फेफड़ों के संक्रमण, डायबिटीज, मोटापा, ल्यूकीमिया, और यहां तक कि शिशुओं में सडेन इंफेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) सहित कई प्रमुख रोगों के खिलाफ बच्चे की रक्षा करती है।

 

फाइबर युक्त आहार

फाइबर लंबे समय तक परिपूर्णता (पेट भरे होने की) भावना को बनाए रखता है और इसे अपने आहार में शामिल करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फलियों जैसे फाइबर युक्त स्वस्थ आहार का उपभोग करने से आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है।

फाइबर की मात्रा: अध्ययन फाइबर के 14g/1000kcal की दैनिक खपत की सलाह देते हैं। इससे फैट कम करने की प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिलती है और कोरोनरी हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, मोटापा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की कई बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

स्वस्थ भोजन खरीदना: हेल्दी फूड खाने के प्रमुख हिस्से में हेल्दी फूड खरीदना शामिल है। घर में संग्रहित भोजन से संबंधित किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि फलों के कटोरे की उपस्थिति का मतलब था कि लोगों का बीएमआई कम था, जबकि अस्वस्थ भोजन वाले लोगों में बीएमआई अधिक होता है ।

स्वस्थ नाश्ते के स्रोत: भोजन के बीच में स्नैकिंग के लिए आप फाइबर से भरपूर स्नैक्स का विकल्प भी चुन सकते हैं। शिमला मिर्च, सेब, मूंगफली का मक्खन, दही, अंडे और अखरोट जैसी वस्तुओं का उपयोग स्वस्थ स्रोत के रूप में किया जा सकता है।

 

प्रोटीन युक्त आहार

यह कैसे काम करता है: फाइबर के समान, प्रोटीन के सेवन से लंबी अवधि के लिए परिपूर्णता (पेट भरे होने) और संतुष्टि की भावना होती है।

इसके अलावा, प्रोटीन की खपत, मांसपेशियों की वृद्धि को बढ़ाती है, जो बदले में शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा को बढ़ाता है, जो सेवन की गयी अतिरिक्त कैलोरी को जलाने में मदद करता है।

अध्ययनों से यह भी पता चला है कि प्रोटीन युक्त भोजन को पचाने के लिए उच्च ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे अतिरिक्त कैलोरी का उपयोग भी बढ़ता है। इस तरह यह, बदले में, वजन घटाने की प्रक्रिया में मदद करता है।

प्रोटीन की मात्रा: प्रति भोजन 25-30 ग्राम से अधिक की नियमित प्रोटीन खपत भूख, वजन प्रबंधन और कार्डियोमेटाबोलिक जोखिम कारकों में सुधार दिखाती है।

प्रोटीन की कमी से मांसपेशियों में कमी हो सकती है, ऊर्जा का स्तर और शरीर की ऊर्जा की खपत कम हो सकती है, जिससे शरीर में फैट रिटेंशन (जमा) हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि मांसपेशियों के नुकसान को कम करने के लिए डाइट प्रोटीन से भरपूर हो।

 

अतिरिक्त चीनी के साथ भोजन, फास्ट फूड और प्रसंस्कृत भोजन (प्रोसेस्ड फूड) से बचें

यह कैसे प्रभावित करता है:

प्रसंस्कृत भोजन (प्रोसेस्ड फूड) में अक्सर उच्च मात्रा में चीनी और सोडियम होता है, जो अतिरिक्त कैलोरी प्रदान करता है, और शरीर में पानी के रुकने का कारण बनता है, जिससे वजन बढ़ना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं।

कई सारे प्रसंस्कृत भोजन (प्रोसेस्ड फूड) में उच्च ग्लाइकेमिक सूचकांक (जीआई) होता है, जहां भोजन, ग्लूकोज जारी करने के लिए तेजी से टूटता है। इस प्रकार के भोजन से भूख की अनुभूति होती है और अधिक खाने को बढ़ावा मिलता है।

अधिकांश फास्ट फूड सस्ता और तैयार होता है, जिसमें अक्सर कैलोरी, सोडियम, चीनी और अस्वस्थ वसा की मात्रा अधिक होती है जो अक्सर मोटापे का कारण बनती है।

अन्य बीमारियां:

चीनी की अधिक मात्रा वाले भोजन से टाइप II डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। फलों के रस में भी अतिरिक्त चीनी पायी जाती है। चीनी और मीठा पेय पदार्थ, अतिरिक्त वजन और कोरोनरी हार्ट डिजीज के जोखिम में भी योगदान देते हैं।

इसे कैसे बदलें:

प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) और फास्ट फूड को छोड़कर साबुत अनाज और दूसरे अन्य अनाज वाले भोजन का सेवन करें। इसमें ग्लाइकेमिक इंडेक्स कम होते है, जिसके कारण ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज होता हैं, जिससे वह शरीर में इकट्ठा किए बिना आसानी से उपयोग में आ जाता है।

मिठाई, मीठा पेय, फलों के रस की जगह फलों का सेवन करें। इनमें फाइबर होता है और यह स्वाद में मीठे भी होते हैं।

 

खूब पानी और तरल पदार्थ पीएं

चूंकि शरीर दिन भर तरल पदार्थ खोता रहता है, इसलिए हाइड्रेशन सभी मनुष्यों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। यह उन महिलाओं के लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है जो स्तनपान करा रही हैं। पानी का पर्याप्त सेवन शरीर के वजन और फैट कम करने में सकारात्मक भूमिका निभाता है।

मेटाबोलिक दर में वृद्धि: पानी के सेवन से मेटाबॉलिक रेट भी बढ़ जाता है। 500 मिलीलीटर पानी की खपत मेटाबॉलिक रेट 30 प्रतिशत तक बढ़ाता है और इसके कारण करीब 100kJ का खपत बढ़ जाती है। यह भी पाया गया है कि, हर दिन 2 लीटर पानी की खपत, एक अतिरिक्त 400kJ जलाता है जिसके परिणामस्वरूप वजन कम होता है।

स्तनपान कराने वाली महिलाओं में हाइड्रेशन: स्तनपान कराने वाली महिलाएं 12-16 प्रतिशत तक अतिरिक्त तरल पदार्थ का सेवन करती हैं। इस वृद्धि की भरपाई चीनी से भरे पेय पदार्थों के बजाय सीमित मात्रा में पानी (कम से कम 12 कप) या गैर-मीठा पेय से की जानी चाहिए।

निर्जलीकरण का प्रभाव: तरल पदार्थों की हानि निर्जलीकरण का कारण बन सकती है जो अत्यधिक थकान, सिरदर्द के साथ-साथ निम्न रक्तचाप (लो बीपी) का कारण बन सकती है।

यह कैसे करें:

विभिन्न एप्लिकेशन नियमित रूप से पानी पीने के लिए एक रिमाइन्डर (याद दिलाना) के रूप में काम करते हैं। ये अक्सर पूरे दिन के पानी के कुल सेवन को विभाजित करते हैं, और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक अनूठी सेटिंग हो सकती है।

हाइड्रेशन के लिए एक निरंतर रिमाइन्डर के लिए बच्चे के कमरे में पानी की बोतलें रखें

 

व्यायाम और शारीरिक गतिविधि

व्यायाम शरीर में अतिरिक्त फैट को जलाते हुये मांसपेशियों को बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है। एक स्वस्थ आहार योजना के साथ इसका मेल अच्छा काम कर सकता हैं।

शरीर को प्रसव के बाद पर्याप्त आराम की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से सी-सेक्शन के मामलों में। जब तक शरीर तैयार न हो जाए तब तक कठोर अभ्यास नहीं करना चाहिए।

यह कैसे करें:

नियमित रूप से बाजार जाना, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना, या घर के काम में शामिल होना, वजन घटाने की प्रक्रिया शुरू करने और एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के सरल और प्रभावी तरीके हैं।

कठिनाई को बढ़ाने के लिए, कोई भी बच्चे के साथ लेकर टहलने जा सकता है। बच्चे का अतिरिक्त वजन और घुमक्कड़ (स्ट्रोलर) अच्छा प्रतिरोध प्रदान करता है।

रिकवरी के बाद: कोई भी अपनी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, गर्भावस्था के बाद महिलाओं के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए जिम में भारित प्रशिक्षण (weighted training), या अन्य प्रकार के शारीरिक अभ्यासो का विकल्प चुन सकता है। किसी भी चोट को रोकने के लिए हर कीमत पर तनाव से बचना चाहिए।

अन्य बीमारियां: लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि, टाइप II डायबिटीज, दिल की बीमारी, वजन बढ़ने और मोटापे सहित कई बीमारियों से बचा सकती है। अध्ययनों से निष्क्रिय लोगों की तुलना में सक्रिय लोगों में वजन बढ़ने की समस्या कम पायी गयी है। एक ही अवधि में सक्रिय महिलाओं में 15 साल में केवल 5 किलो वजन बढ़ा, जबकि निष्क्रिय महिलाओं में 13kg वजन बढ़ा।

 

अवांछित आहार से बचें और यथार्थवादी रहें

वजन घटाने के लिए लिया गया समय: वजन बढ़ना,  प्रसव के बाद होने वाली एक आम समस्या है। इसमें लोगों को ध्यान में रखना चाहिए कि वजन कम करना एक धीमी प्रक्रिया है जिसमें 12-18 महीने से लग सकते है। जल्दी और काफी वजन कम करना मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। लोगों को वजन में कमी की योजना बनाते समय अपनी क्षमता को भी ध्यान में रखना चाहिए ।

क्या बचें:

तेजी से वजन कम करने वाले आहार, अक्सर शरीर में पानी तथा मांसपेशियों की कमी का कारण बन सकते हैं। और फिर जैसे ही आप सामान्य भोजन लेना शुरू कर देते है, वैसे ही सारा फैट वापस आ जाता है।

फीका आहार का पालन नहीं करने से पोषक तत्वों की कमी को भी रोका जा सकेगा, जो स्तन के दूध के उत्पादन में व्यवधान पैदा कर सकता है।

स्तनपान के लिए अधिक खाएं: प्रसव के बाद, माताओं को बच्चे को खिलाने के लिए हमेशा अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता होती है। स्तनपान के लिए प्रतिदिन अतिरिक्त 630kcal की आवश्यकता होती है, जिसे अधिक खाने और खपत को कम करके संतुलित किया जा सकता है।

यह कैसे करें:

एक सप्ताह में 670 ग्राम तक वजन में कमी के साथ व्यायाम और एक स्वस्थ आहार का जोड़ स्तनपान प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगा और एक स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने में आपकी मदद करेगा।

गर्भावस्था के बाद पुरानी जींस में फिट होने की कोशिश में जल्दबाजी न करें। हालांकि यह असंभव नहीं है, लेकिन इसमें धैर्य की जरूरत है।

 

शराब के सेवन से बचें

भले ही अल्कोहल का मध्यम स्तर कोई जोखिम पैदा न करे, लेकिन शराब का सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह होता है।

यह कैसे प्रभावित करता है:

अल्कोहल 7kcal प्रति ग्राम ऊ्रर्जा प्रदान करता है, जिसमें पोषक तत्वों का अभाव होता है, और केवल खाली कैलोरी प्रदान करता है। शराब का ज्यादा सेवन सीधे-सीधे अत्यधिक वजन बढ़ने से संबंधित है और कैंसर के अलावा यह कई सारी बीमारियाें के लिए एक प्रमुख योगदान कारक है। शराब के सेवन से वजन कम होने में बाधा आ सकती है।

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए शराब की खपत: शराब के प्रभाव में स्तनपान बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। शिशु बहुत ही कम दर पर शराब को प्रोशेस करते हैं। यदि शराब का सेवन स्तनपान कराने से पहले किया जाता है, तो यह स्तनपान के माध्यम से बच्चे में आसानी से जा सकता है। इससे दुग्ध उत्पादन की दर में भी बाधा आ सकती है।

बच्चे के लिए कम उम्र में शराब का सेवन करना स्वस्थ नहीं है और उसे हर कीमत पर टाला जाना चाहिए।

 

पर्याप्त नींद लें

अपर्याप्त नींद शिशु की देखभाल करने वाली नई माताओं के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। रात भर बच्चे की देखभाल करते समय सोने के लिए पर्याप्त समय ढूंढना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।

नई माताओं के लिए, दोस्तों या परिवार की मदद लेना एक अच्छा विकल्प है। यह स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेने में मदद करता है।

नींद की मात्रा: अनचाहे स्वास्थ्य प्रभावों को रोकने के और बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए।

अन्य बीमारियां: नींद की कमी विभिन्न चिकित्सा स्थितियों से भी जुड़ी हुई है, जो लंबे समय में समस्या पैदा करने वाली हो सकती है।

पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं मिलना सीधे खाने के विकारों से जुड़ा होता है, जो अनियमित खाने के व्यवहार और वजन में वृद्धि का कारण बनता है, जिससे मोटापा की समस्या पैदा होती है।

नींद की कमी सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित नहीं है, बल्कि मानसिक स्थिति में भी बाधा उत्पन्न करती है। नींद की कमी प्रसवोत्तर अवसाद (डिप्रेशन) से जुड़ी पायी गयी है तथा वजन बढ़ने में इसका योगदान काफी पाया गया है।

एक माँ के लिए एक नया जीवन पोषण के पुरस्कृत अनुभव के साथ आता है, लेकिन लोग बच्चे के जन्म के साथ आये तनाव में अक्सर खुद का ख्याल रखना भूल जाते हैं। वजन का बढ़ना महिलाओं के लिए एक बड़ी निराशाजनक अनुभव हो सकता है। यह अक्सर मानसिक असुविधा पैदा कर सकता है, जो वजन कम करने के लिए कठोर कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है ।

अचानक वजन घटाना स्तनपान प्रक्रिया में बाधा पैदा कर सकता है, जो लोगों को कमजोर बना सकता है, वह भी उस समय जब नवजात के साथ अधिक ऊर्जा की आवश्यकता  होती है।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ अतिरिक्त वजन बच्चे के लाभ के लिए होते है,और बाकी को उचित व्यायाम और एक स्वस्थ आहार के साथ धीरे-धीरे कम करने की आवश्यकता होती है।