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गर्भावस्था से जुड़े पांच खाद्य मिथक

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गर्भावस्था के दौरान भोजन के सेवन से जुड़े मिथक क्या हैं?

 

कुछ खाद्य पदार्थ गर्भपात का कारण बनते हैं

मिथक: ऐसे कई सारे मिथक हैं जिनके अनुसार अनानास, आम और पपीता खाने से गर्भपात हो सकता है।

तथ्य:

• गर्भपात आमतौर पर संक्रमण के कारण होता है। किसी खाद्य पदार्थ के सेवन से होने वाले वाले गर्भपात का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है।

• पके हुए पपीते को खाने से गर्भपात का कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन कच्चा पपीता असुरक्षित हो सकता है।

 

हल्का भोजन बच्चे को त्वचा गोरी बनाता है

मिथक: भारतीयों के बीच एक आम धारणा है कि, केसर का सेवन करने से बच्चा गोरा पैदा होता है, लेकिन यह सच नहीं है।

तथ्य:

• हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ एक बेहतर और स्वस्थ चमकदार त्वचा प्रदान कर सकते हैं, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि आहार बच्चे की त्वचा का रंग बदल सकता है।

• त्वचा का रंग आनुवंशिकता, प्राकृतिक चयन और क्रमिक विकास पर निर्भर करता है।

 

गर्भवती होने का मतलब है दो लोगो का भोजन खाना

मिथक: यह एक मिथक है, और अधिक खाने से मां के लिए गर्भावस्था के बाद वजन घटाना काफी मुश्किल हो जाता है।

तथ्य: कैलोरी का सेवन प्रति दिन 350 किलो कैलोरी तक थोड़ा बढ़ जाता है। बढ़ी हुई आवश्यकता को पूरा करने के लिए स्वस्थ भोजन का सेवन किया जाना चाहिए।

 

पूरा फैट वाला दूध बेहतर होता है

मिथक: यह एक मिथक है। कम और ज्यादा फैट वाले दोनों दूध समान रूप से फायदेमंद होते हैं।

तथ्य: फुल फैट और लो-फैट दूध दोनों में समान पोषक तत्व होते हैं। ज्यादा फैट के बजाय कम फैट वाला दूध अच्छा विकल्प होता है।

 

जड़ी बूटी बच्चे को बुद्धिमान बनाती है

मिथक: बाजार में ऐसे कई उत्पाद हैं जो, बुद्धि बढ़ाने का दावा करते हैं, लेकिन यह एक मिथक है ।

तथ्य:

• इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जड़ी-बूटियों, टॉनिक और चाय का सेवन करने से बच्चे की संज्ञानात्मक क्षमताओं (काग्नाईटिव एबिलिटी) पर असर पड़ता है।

संज्ञानात्मक क्षमताओं के उचित विकास के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की पर्याप्त खुराक के साथ एक स्वस्थ आहार का सेवन करना महत्वपूर्ण होता है।

एैसी बहुत सारी चीजें हैं जो भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्या चीज स्वस्थ है और क्या नहीं। पोषण के बारे में बने हुये मिथकों को तोड़ना महत्वपूर्ण है। भविष्य की पीढ़ियों को इसके बारे में गलत जानकारी देना केवल दिक्कत पैदा करेगा।