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नींद के लिए योग

नींद के लिए योग

आज के दौर में कई लोगों को नींद न आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अनिद्रा नींद विकार के सबसे आम कारणों में से एक है। नियमित रूप से योग का अभ्यास अच्छी नींद प्राप्त करने में मदद करता है, और जीवन की  गुणवत्ता में सुधार करता है।

योग विभिन्न आसनों (पोजेज), साँस, और ध्यान अभ्यास का एक संयोजन है, जो मन और शरीर के बीच एक पूर्ण गठजोड़ बनाने में मदद करता है।

योग सांस लेने/श्वसन मांसपेशियों की ताकत को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे ऑक्सीजन संतृप्ति बेहतर होती है, और बेहतर तथा कम परेशानी वाली नींद आती है। यह मूड को बढ़ाने में मदद करता है, और तनाव के स्तर को कम करता है।

योग सोने में कैसे मदद कर सकता है?

हो सकता है कि, कई कारणों से किसी को पर्याप्त नींद न मिल पाए। यह,  पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं, तनाव या चिंता से संबंधित कारणों से हो सकता है। मानव शरीर के उचित कामकाज के लिए पर्याप्त नींद लेना एक जरूरी आवश्यकता है।

विभिन्न आसनों और साँस तकनीकों का अभ्यास करके, कोई भी अपने मन को आराम दे सकता है। योग संतुलित भावनाओं और उच्च ऊर्जा के स्तर को प्राप्त करने पर काम करता है।

इसका दिमाग पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, और यह सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम और हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रिनल एक्सिस दोनों पर काम करता है। इसके कारण गाबा (GABA) नामक मस्तिष्क रसायन का स्तर बढ़ जाता है। रसायन का प्रभाव बहुत शांत होता है और तनाव, भय और चिंता से राहत पाने में मदद करता है।

नियमित योग करने से पता चला है कि, विभिन्न व्यायामों को करने से विभिन्न हार्मोन स्तरों (मेलाटोनिन, ग्रोथ हार्मोन रिसेप्टर, प्रोलैक्टिन और प्रोस्टाग्लैंडिन) में बदलाव होते हैं, जो अच्छी नींद की गुणवत्ता को सुविधाजनक बनाते हैं।

योग से कोर्टिसोल स्तर को कम होते हुये देखा गया है, जो तनाव कम करने और एक अच्छी नींद प्राप्त करने में मदद करता है।

सोने से पहले योग करने के लाभ

• अपनी साँस को खींचने और विनियमित (रेगुलेटिंग) करने का एक सही संयोजन, निर्वाण को प्राप्त करने में मदद करता है। इससे आपके मन और शरीर को आराम मिलता है।

• यह नींद की बेहतर बनाता है, और गुणवत्ता में सुधार लाता है।

• तनाव, अवसाद या चिंता को कम करता है।

• यह मन को शांत करने में मदद करता है।

• मांसपेशियों और जोड़ो के दर्द से छुटकारा पाने में मदद करता है।

• यह सांस लेने और ऑक्सीजन संतृप्ति के स्तर में सुधार करने में मदद करता है। इससे खर्राटों से छुटकारा मिल सकता है।

नींद के लिए योग मुद्रायें (पोजेस)

 

• उत्तन्नासना (स्टैन्डिंग फार्वर्ड बेन्ड)

1. एक चटाई पर अपने पैरों पर सीधे खड़े हो जाये।

2. फिर अपने घुटनों को सीधा रखते हुए नीचे झुकें।

3. घुटनों और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, अपने हाथों से अपनी एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें।

4. सांस लेते समय, अपने पैरों को खींचने और अपनी रीढ़ को सीधा करने की कोशिश करें।

5. साँस छोड़ने के दौरान, अपने पैरों की ओर अपना माथा लाने और इसी मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें। जब तक आप कर सकते हैं तब तक करें।

 

• बिटिलासना (कैट पोज)

1. टेबलटॉप स्थिति में जाये, अपने हाथों और घुटनों पर रहें।

2. रीढ़ की हड्डी को उदासीन (न्युट्रल) स्थिति में रखें।

3. हाथ, कलाई और कंधे एक ही पंक्ति में होना चाहिए।

4. मुड़े हुये घुटने, कूल्हे के साथ सीध में होने चाहिए।

5. साँस छोड़ते समय, अपनी पीठ को छत की ओर एक गोल मेहराब आकार में मोड़ें। अपने पेट को अंदर खींचें और छाती की ओर अपने सिर को अंदर कर्ल मोड़ें (बिल्ली की तरह म्याँउ करते हुये)।

6. साँस लेते समय, आराम करें और सिर छत की ओर करने के साथ टेबलटॉप स्थिति में वापस जाएं।

 

• उत्थन प्रिस्थासना (लिजर्ड पोज)

1. टेबलटॉप पोजीशन के साथ शुरू करें।

2. फिर अपने बाएं पैर को पीछे फैलाएं।

3. अपने दाहिने घुटने को मोड़ें।

4. रीढ़ सीधे रखें।

5. कंधे के साथ लाइन में हथेलियों को नीचे की ओर रखें।

6. 10 सेकंड के लिए इसी स्थिति में बने रहें और पैरों की स्थिति बदलें।

 

• विपरिता करणी (लेग अप द वाॅल)

1. अपने कूल्हों और पैरों को दीवार की ओर सामने करते हुये, फर्श पर लेट जाएं।

2. अपने पैरों को सीधे दीवार पर रखें। अपने कूल्हों को दीवार के जितना संभव हो उतना करीब लाने की कोशिश करें ताकि यह दीवार को छू सके।

3. अपने सिर और ऊपरी शरीर को श्रेणीबद्ध और सीधा रखें।

4 अपनी सांस लेने पर ध्यान दें, कुछ मिनट के लिए उसी स्थिति में रहें और फिर आराम करें।

 

• सेतु बंध सर्वान्गासना (ब्रिजिंग)

1. दोनों घुटने मोड़कर लेट जायें।

2. चटाई/फर्श पर पैर रखें।

3. ऊपर की ओर हथेलियों को रखकर, अपनी बाहों को फैलायें।

4. अपने पेट पर ध्यान केंद्रित करें, इसे अंदर खींचें और अपने बाॅटम को उठाएं। अपने पेट को इंगेज रखें, और बाॅटम उठाने के दौरान और कंधे नीचे होने चाहिए।

5. 10 सेकंड के लिए इसी स्थिति में बने रहें, और फिर नीचे जायें। 10 बार दोहराएं।

 

• आनंद बालासना (हैप्पी बेबी)

1. अपनी पीठ के बल सीधा होकर लेटें।

2. फिर अपने घुटनों को मोड़कर अपनी छाती पर लायें।

3. पैरों को छत की ओर करते हुये, उन्हें सीधा रखें।

4. अपने हाथ से अपने पैर के अँगुठे को पकड़ें।

5. 10-15 सेकंड के लिए लिए इसी स्थिति में बने रहें, आराम करें और दोहराएं।

 

• बालासना (चाइल्ड्स पोज)

1. अपने पैरों को पीछे मोड़कर आराम से बैठें।

2. अपनी एड़ी पर अपने कूल्हों को रखें, और पैर फर्श को छूना चाहिए।

3. पैर की दोनों बड़ी उंगलियों को एक दूसरे को छूना चाहिए।

4 अपने घुटनों को अलग करें और अपनी जांघों के बीच अपनी छाती को नीचे लाएं।

5. अपनी बाहों को फैलायें।

6. आपके माथे और हथेलियों को जमीन/चटाई को छूना चाहिए।

7. बार-बार गहरी सांस लें।

 

• शवासना (कोर्प्स पोज)

1. छत की ओर सामना करते हुये, अपनी हथेलियों को बगल में रखें और अपनी पीठ के बल लेट जाएं।

2. अपनी आँखें बंद करें।

3 अपने पूरे शरीर को आराम दें।

4. पांच से दस मिनट तक रहें।

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कुछ सुझाव आप बेहतर सोने के लिए सहायता करने के लिए

• देर शाम में भस्त्रिका प्राणायाम और सुदर्शन जैसी क्रियाओं को करने से बचें, क्योंकि इनको करने में अत्यधिक ऊर्जा लगती हैं, जो आपको सोने से रोकते हैं।

• सुखदायक संगीत सुनने की कोशिश करें।

• बिस्तर में रहते हुए सेलफोन का उपयोग करने से बचें।

• खुद को शांत करने के लिए मोमबत्ती या तेल का दीपक जलायें।

• निद्र योग और ध्यान में अपने आप को प्रशिक्षित करें, वे आपको आराम करने और बेहतर नींद प्राप्त करने में मदद करेंगे।

इस लेख के पीछे अनुसंधान:

1.https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/article/PMC3667430/
2.https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/article/PMC3120098/
3.http://europepmc.org/article/PMC/5612039
4.http://www.jpalliativecare.com/article.asp?issn=0973-1075;year=2017;volume=23;issue=3;spage=253;epage=260;aulast=Rao

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