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खाँसने के दौरान खून निकलना (हिमोप्टिसिस)- उपचार

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हेमोप्टिसिस का इलाज कैसे किया जाता है?

उपचार:

• कारण का इलाज करें: संक्रमण/टीबी के लिए एंटीबायोटिक्स का, फेफड़ों के कैंसर के लिए कीमोथेरेपी/विकिरण का, और सूजन के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें।

• ब्रोंकियल आर्टरी एम्बोलाइजेशन: तपेदिक (टीबी) जैसे गंभीर मामलों में ब्रोंकियल आर्टरी से खून के रिसाव को रोकने के लिए, आघात या किसी अन्य कारणों से आर्टरी को नुकसान से बचाने के लिए की जानी चाहिये।

• ब्रोंकोस्कोपी: खून के बहाव को रोकने के लिए वायुमार्ग के अंदर गुब्बारा डालें।

• सर्जरी: जहां फेफड़ों का हिस्सा या पूरा फेफड़ा निकाल देने के लिए न्युमोनेक्टमी की जाती है की जानी चाहिये।

रोकथाम:

धूम्रपान छोड़ें: सिगरेट और बीड़ी पीना छोड़ें, और निष्क्रिय धूम्रपान करने से बचें।

• धूम्रपान छोड़ना: सिगरेट धूम्रपान को छोड़े और निष्क्रिय धूम्रपान करने से बचें।

एक मास्क (N95 श्वसन यंत्र) पहनेंः प्रदूषण, धूल, आग के धुएं जैसी पर्यावरणीय उत्तेजनाओं से बचने के लिए N95 मास्क का प्रयोग करें। यह मास्क सैलून और निर्माण संबंधित पेशेवरों द्वारा पहना जाना चाहिये, क्योंकि इन लोगों को सीओपीडी के विकसित होने का खतरा काफी अधिक होता हैं।

• टीके: इंफ्लूएंजा और वायरस को रोकने के लिए वार्षिक फ्लू के टीके तथा कुछ प्रकार के निमोनिया को रोकने के लिए वैक्सीन लेने चाहिये।

उपाय:

• अच्छी नींद क्रोनिक ब्रोंकाइटिस की वजह से होने वाली थकान में राहत पहुँचाती है, और चोटिल ऊतकों की मरम्मत में मदद करती है। तकिए के मदद से सिर को उठाकर सोने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि यह सांस लेने की प्रक्रिया और बलगम समाशोधन में मदद करता है ।

गले और मुंह का सूखना, सिरदर्द, चक्कर, तथा भ्रम, आदि पानी की कमी से होने वाली समस्यायों से बचने के लिए, खूब सारा पानी पियें। यह नाक के श्लेकोल स्राव को ढीला करने में भी मदद करता है, और बलगम की चिपचिपाहट को कम करता है।

ठंडी शीतोष्ण हवा में लक्षण बिगड़ जाते हैं, इसलिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग, हवा को गर्म आर्द्र रखता है, जो बलगम को ढीला करके उसको बाहर निकालने में मदद करता है।

• संतुलित स्वस्थ आहार, पोषण और आहार की खुराक लेना, तेजी से स्वस्थ होने में मदद करता है और संक्रमण को रोकता है।

• सरसों का तेल में, लहसुन डालकर उन्हे भूरे रंग को होने तकपकाएं, इसके बाद उसे ठंडा होने दें। इस तेल से छाती पर मालिश करें। इससे सीने में भारीपन में कुछ हद तक राहत मिलती है।

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