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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस)

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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम क्या है?

premenstrual-syndrome-treatment

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) चिड़चिड़ापन के मुख्य लक्षण के साथ मूड, संज्ञानात्मक और शारीरिक गड़बड़ी का एक समूह है। यह अवसाद या चिंता से अलग होता है।

पीएमएस को 100 से अधिक शारीरिक और मनोवैज्ञानिक संकेतों और लक्षणों के साथ देखा गया है। इस कारण से इसे वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करना मुश्किल हो गया है ।

यह होने वाले मासिक धर्म के समय से 7-10 दिन पहले कभी भी शुरू हो सकता है। मासिक धर्म के रुक जाने के बाद यह कुछ दिनों तक चल सकता है।

युवा लड़कियों और कामकाजी महिलाओं में पीएमएस के मामले भोजन की आदतों,  तनाव और अनियमित नींद की वजह से दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। इसलिए गड़बड़ी से बचने के लिए, उन पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

ऐसा क्यों होता है?

मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोनल स्तर (महिला हार्मोन- एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में गिरावट) में चक्रीय परिवर्तन होते हैं। दिमागी रसायन (सेरोटोनिन) का कम स्तर प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में योगदान देता है।

हार्मोनल चेंज की वजह से मूड स्विंग, थकान और दर्द जैसी समस्यायें होती है।

कुछ विटामिन और खनिजों की कमी के कारण लक्षण बिगड़ सकते हैं।

 

साइन-लक्षण:

 

भावनात्मक और व्यवहारभौतिक
अवसाद (डिप्रेशन)दर्दनाक मासिक धर्म (डिस्मेनोर्रिया) होना
चिंता करनास्तन में चक्रीय दर्द (चक्रीय मास्टल्जिया) होना
मिजाज का बदलनास्तन की सूजन होना
भूख में परिवर्तन होनाद्रव के बच जाने के कारण मामूली वजन बढ़ना
नींद लेने में समस्या होनापाचन की कठिनाइयाँ (चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम; डायरिया या कब्ज)
खराब एकाग्रता होनासूजन होना
चिड़चिड़ापन होनापीठ दर्द होना
क्रोध आनाशरीर में दर्द होना
खाने की इच्छा करनामाइग्रेन और सिरदर्द होना
लिबिडो में परिवर्तन होनाकुछ ब्रेकआउट में वृद्धि के साथ त्वचा के तैलीय होना
काम या आसपास के क्षेत्र में रुचि में कमी होनाहाइपोथायरायडिज्म के सामयिक लक्षण होना

पीएमएस, अवसाद, चिंता या माइग्रेन जैसी आपकी पहले से मौजूद स्थितियों को प्रभावित कर सकता है। यदि आपके लक्षण मासिक धर्म से पहले बढ़ते हैं, तो एैसे में डाॅक्टर से मिलने की सलाह दी जाती है।

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निदान (डायग्नोसिस):

पीएमएस को डायग्नोस करना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि किसी प्रयोगशाला या शारीरिक परिक्षण या अल्ट्रासाउंड से इस स्थिति को पहचानना कठिन होता है। पीएमएस से ग्रसित महिलाओं में हार्मोन में भी कोई बदलाव नहीं होता है। इसको डायग्नोस करने का आज तक मुख्य आधार एक विस्तृत इतिहास मूल्यांकन है।

डायग्नोसिस की पुष्टि दो अलग-अलग क्लिनिकल विजिट द्वारा की जा सकती है। लेकिन इन दोनो विजिट में लक्षण समान हो और इसके साथ कोई अन्य विकार या कोई सकारात्मक परिणाम न आया हो।

रोगी को लक्षणों की एक डायरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। इसकी मदद से डॉक्टर लक्षणों की गंभीरता, शुरुआत के दिन, और इसकी अवधि का आँकलन कर सकता हैं। इसके साथ ही माहवारी के दिनों में होने वाली घटनाओं को भी दर्ज करना होता है।

उपचार:

पीएमएस के लिए कोई विशिष्ट उपचार इम्पीरिकल अध्ययन द्वारा मान्य नहीं किया गया है। जीवन शैली में कुछ परिवर्तन, इसकी गंभीरता और एपिसोड को कम करने में थोड़ा मदद कर सकते हैं, जैसे;

• आहार से प्राप्त कैफीन से बचना

• धूम्रपान से बचना

• नियमित व्यायाम करना

• जटिल कार्बोहाइड्रेट के साथ पोषक आहार

• पर्याप्त और नियमित नींद लेना

• अनावश्यक तनाव से बचना

ध्यान और योग का अभ्यास करके तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है। SSRI (सिलेक्टिव सेरोटोनिन रिअप्टेक इनहिबिटर्स) समूह की कुछ विशिष्ट दवाएं, क्लिनिकल अध्ययनों में काफी प्रभावी साबित हुई हैं।

कैल्शियम सप्लीमेंट, 1200 से 1600 मिलीग्राम/दिन की विभाजित खुराक लेने से, पूर्व मासिक धर्म के लक्षणों में कमी देखी गई है।

विटामिन बी 6 विटामिन बी का पानी में घुलने वाला एक प्रकार है। यह शरीर में 100 से अधिक एंजाइमैटिक प्रतिक्रियाओं में मदद करता है। 100 मिलीग्राम/दिन की खुराक पर इसमें स्तन दर्द, स्तनों में सूजन और डिप्रेशन जैसे लक्षणों में कमी देखी गई है।

चाॅस्ट ट्री (विटेक्स एग्नेस-कास्टस), एक जड़ी बूटी है, जिसका उपयोग हर्बलिस्टों द्वारा पीएमएस को कम करने के लिए किया जाता है। 20-40 मिलीग्राम/ प्रतिदिन की चाॅस्ट बेरी के रस की खुराक से पीएमएस में सुधार देखा गया है। पीएमएस के इलाज के लिए ली गयी दवाओं के रूप में इसे जर्मनी द्वारा अनुमोदित किया गया है।

गिंको बिलोबा (Ginko biloba), एक हर्बल जड़ है, जिसके उपयोग से स्तन कोमलता और असुविधा में  काफी सुधार पाया गया है। यह एकाग्रता में सुधार लाता है तथा यौन क्रियाओं को पुनर्स्थापित करता है ।

पीएमएस के लक्षणों का इलाज करने के लिए डॉक्टरों द्वारा अक्सर कुछ अन्य उत्पादों का उपयोग किया जाता है। यह उत्पाद इवनिंग प्राइमरोज तेल, डीएचईएएस (DHEAS) हार्मोन, मेलाटोनिन, कावा, ट्रिप्टोफान आदि हैं। इसके दुष्प्रभावों और प्रभावशाली न होने के कारण इसके उपयोग की सलाह नहीं दी जाती है।

पीएमएस और डिस्मेनोर्हीया (दर्दनाक मासिक धर्म) के गंभीर मामलों में, यदि दवाओं से लाभ नहीं हुआ है, तो कम खुराक ओरल गर्भनिरोधक गोली दी जा सकती है। इससे कुछ मामलों में काफी सुधार देखा गया है।

युवा लड़कियाँ, विशेष रूप से पोस्ट मिनार्च और पेरिमेनोपॉज़ल महिलायें, आमतौर पर पीएमएस से और अधिक प्रभावित हो रही हैं। इन्हे इलाज के अलावा सहयोग और आश्वासन की जरूरत पड़ती है। युवा लड़कियों और पेरिमेनोपॉज़ल महिलाओं के पतियों और उनकी माताओं को उनका समर्थन करना चाहिए और उन्हें आश्वासन देना चाहिए। पीएमएस से प्रभावित लोगों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा हो सकता है। इसलिए उनके जीवन साथी या परिवार के सदस्यों को उनके साथ बहस करने और लड़ने से बचना चाहिए। यह उन्हें  अवसाद (डिप्रेशन) में जाने से रोकने में मदद करता है।

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