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शीघ्रपतन

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शीघ्रपतन क्या है?

शीघ्रपतन एक ऐसी स्थिति है, जहां एक व्यक्ति हमेशा या लगभग हमेशा योनि में अपने लिंग प्रवेश से पहले या 1 मिनट के भीतर ही स्खलन करता है (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर सेक्सुअल मेडिसिन आईएसएसएम, 2014)। समय से पहले स्खलन पुरुषों को प्रभावित करने वाला सबसे आम यौन विकार है, जिसकी व्यापकता दर 75 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

इससे पीड़ित व्यक्ति, सभी या लगभग सभी योनि प्रवेशों पर स्खलन में देरी करने में असमर्थ होते है। इसके कारण व्यक्ति में हताशा की भावना विकसित हो जाती है। इससे व्यक्ति अपने साथी के साथ यौन अंतरंगता से बचता है, जिससे रिश्तों में तनाव आ सकता है।

हालांकि, शीघ्रपतन  का इलाज अधिकांश व्यक्तियों में किया जा सकता है। इसके लिए विभिन्न उपचार विकल्प मौजूद है, जिसमें दवाएं, यौन तकनीक और परामर्श आदि शामिल हैं। इन विकल्पों को अपनाने से, साथी के बीच यौन और भावनात्मक अंतरंगता में सुधार हो सकता है।

शीघ्रपतन का कारण क्या है?

शीघ्रपतन का सही कारण ज्ञात नहीं है। हालांकि ऐसे कई कारक हैं जिनका पता चला है, जो किसी व्यक्ति में समय से पहले स्खलन के विकास में योगदान देते हैं। इन्हें मोटे तौर पर वर्गीकृत किया गया हैः-

• मनोवैज्ञानिक कारक

• जैविक कारक

 

शीघ्रपतन के कारण

मनोवैज्ञानिक कारकजैविक कारक
• व्यग्रता

समय से पहले स्खलन के बारे में चिंता

• दोष की भावना जोकि यौन संपर्क में जल्दी करने की आपकी आदत में बढ़ोत्तरी करती है

• बढ़ी हुयी उत्तेजना

• सेक्स की तकनीक: स्खलन को नियंत्रित करने के लिए तकनीकों के बारे में जागरूकता की कमी

• यौन गतिविधि की आवृत्ति (फ्रिक्वेसी): कम

• प्रारंभिक यौन अनुभव: जल्दबाजी, बैचैनी भरा अनुभव

• यौन शोषण का इतिहास

• पार्टनर के साथ रिश्ते की समस्याएं

• आनुवंशिक कारक: 5-HTTLPR जीन की बहुरूपता होना

• हार्मोनल: हार्मोन्स का असामान्य स्तर होना

• न्यूरोट्रांसमीटर: दिमागी रसायनों का असामान्य स्तर होना

• लिंग संवेदनशीलता: उच्च होना

• एंडोक्रिनल कारण: डायबिटीज, विटामिन बी 12 का कम स्तर, हाइपरथायरायडिज्म होना

• यूरोलॉजिक मुद्दे: प्रोस्टेटाइटिस होना

• तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) की समस्याएं: एमएस, पेरिफेरल न्यूरोपैथी

• दवा प्रेरित: कोकीन, एम्फेटामाइन, और डोपमिनेर्जिक दवाएं

• क्रोनिक गुर्दे की अपर्याप्तता

• वीर्य में मैग्नीशियम का कम स्तर होना

• वेरिकोसेल होना

• यौन रोग: ईडी और कामेच्छा में कमी

 

शीघ्रपतन की जटिलताएं क्या हो सकती हैं?

शीघ्रपतन आपके आत्मविश्वास, व्यक्तिगत जीवन और रिश्तों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है:

• आत्मविश्वास में कमी और यौन क्षमता के संबंध में चिंता होना।

• रिश्तों में तनाव और आत्मीयता (इन्टीमेसी) की कमी एक आम समस्या है। यह समय से पहले स्खलन के कारण होती है।

• यदि कोई पुरुष योनि में लिंग प्रवेश करने से पहले स्खलन करता है, तो प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

शीघ्रपतन की पहचान कैसे की जाती है?

जब शीघ्रपतन आपके मनोविज्ञान और आत्मविश्वास को प्रभावित करता है, या जब यह आपके सेक्स जीवन और संबंधों के बीच तनाव पैदा करता है। ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। ऐसे मुद्दों को आमतौर पर, एक डॉक्टर (यूरोलोजिस्ट) देखा जाता है।

डॉक्टर मुख्य रूप से व्यक्तिगत और यौन इतिहास के बारे में जानकारी लेकर स्खलन का निदान (डायग्नोस) करेंगे। वह नीचे दिए गए कुछ सवाल पूछकर ऐसा करेंगे:

• यदि आप लिंग प्रवेश से पहले या प्रवेश के बाद स्खलन करते हैं?

• ऐसी कौन सी घटनाएं हैं जो आपको समय से पहले स्खलन की ओर ले जाती हैं?

• योनि में प्रवेश करने के बाद आपको स्खलन करने में कितना समय लगता है?

• आप कितनी बार समय से पहले स्खलन का अनुभव करते हैं?

• कब से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है?

• क्या आप कहेंगे कि, यह वर्तमान मोहिनी शुरुआत थी या हाल ही में बदतर हो गई है?

• क्या किसी विशेष साथी, या हर साथी के साथ ऐसा होता है?

• क्या सेक्स के हर प्रयास के साथ समय से पहले स्खलन होता है?

• किस प्रकार की यौन गतिविधि (यानी, फोरप्ले, हस्तमैथुन, संभोग, दृश्य संकेतों का उपयोग, आदि) में आप संलग्न हैं और कितनी बार?

• समय से पहले स्खलन ने आपकी यौन गतिविधि को कैसे प्रभावित किया है?

• अपने पार्टनर के साथ आपके रिश्ते कैसे हैं?

• क्या ऐसा कोई कारक है, जो समय से पहले स्खलन को बेहतर या बदतर बनाता है (जैसे ड्रग्स, अल्कोहल, कंडोम और अन्य)?

 

शारीरिक परिक्षण:

डाॅक्टर किसी भी यौन विकार की जांच करने के लिए एक छोटा शारीरिक परिक्षण करेंगे। यह विशेष रूप से तब किया जाता है, जब आप नपुंसकता या पेरोइन की बीमारी से पीड़ित होते हैं।

प्रयोगशाला परीक्षण केवल तभी किया जाता है, जब आपके डॉक्टर कुछ और जांच करना चाहते है, जोकि आपके नैदानिक (क्लिनिकल) इतिहास या शारीरिक परिक्षण के दौरान देखा गया हो।

शीघ्रपतन का इलाज कैसे किया जाता है?

शीघ्रपतन का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है। कुछ तरीके कुछ पुरुषों में बेहतर काम करते हैं। आपको कुछ समय के लिए एक से अधिक विधि का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। निम्नलिखित उपचार विकल्प उपलब्ध हैं:

• मनोवैज्ञानिक चिकित्सा और परामर्श

• व्यवहार चिकित्सा और व्यायाम

• ओरल दवाएं

• टोपिकल नम्बिंग एजेंट

 

1. मनोवैज्ञानिक थेरेपी

यहां एक डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक आपसे नीचे दिये गये मुद्दों के बारे में बात करेंगे:

• रिश्ते और यौन मुद्दे के बारे में।

• क्या आप किसी तनाव या भावनात्मक संघर्ष के माध्यम से गुजर रहे हैं।

• वह आपके यौन आत्मविश्वास के बारे में भी बात करेंगे।

वह इन सबसे निपटने के लिए कुछ तरीके सिखाएँगे:

• तनाव का प्रबंधन कैसे करें और अपने यौन प्रदर्शन के बारे में कम घबराएं।

• अपने यौन आत्मविश्वास को कैसे सुधारें। वह आपको अपने साथी की संतुष्टि को बेहतर बनाने के तरीकों को समझने में मदद कर सकते हैं।

• अपने पार्टनर के साथ कुछ सेशन लें जिससे, आप दोनो के बीच आत्मीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

आमतौर पर दवाओं के अन्य तरीकों के साथ इस्तेमाल करने पर थेरेपी अधिक मददगार पाई जाती है।

 

2. व्यवहार चिकित्सा और व्यायाम

यह विधि आपको अभ्यास और तरीकों के माध्यम से स्खलन में देरी करने में मदद करती है। नीचे दिये गये विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है:

• पेल्विक फ्लोर अभ्यास

• ठहराव- निचोड़ विधि

• स्टॉप-स्टार्ट विधि

पेल्विक फ्लोर अभ्यास

इन अभ्यासों का उद्देश्य मांसपेशियों को मजबूत करना है, जोकि पेल्विस (पेट का सबसे निचला हिस्सा) का तल बनाती है। ये मांसपेशियों को यौन क्रियायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए यौन क्षमता और स्खलन में देरी को बढ़ाने के लिए इन्हीं पर काम किया जाता है।

शोधों में केगेल (Kegel) अभ्यास के साथ अच्छे परिणाम देखे गए हैं। इसके उपयोग से लगभग 83 प्रतिशत लोगों में समय से पहले स्खलन का सफल उपचार दिखा दिखायी दिया है। इस अभ्यास को केगेल अभ्यास कहा जाता है, जोकि निम्नलिखित तरीकों से किए जाते हैं:

• अपनी पेल्विक मांसपेशियों का पता लगाएं: इसमें  पहला कदम अपनी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की पहचान करना होता है। यह कई तरीकों से किया जा सकता है जैसे, मांसपेशियों को कसकर जो आपको गैस पारित करने से रोकती है, या मिडस्ट्रीम में अपने पेशाब को रोककर। कार्य करते समय जो मांसपेशियों सक्रिय होती है की पहचान करना, आपको पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को पकड़ने में मदद करता है।

• व्यायाम करें: अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ें, इसके बाद 3-3 सेकंड के लिए पकड़ के रखें और छोड़ दें। एक ही सत्र कम से कम दस बार इस अभ्यास को दोहराएं। एक दिन एैसे कम से कम तीन सत्र करें। नीचे लेटते समय व्यायाम शुरू करें। जब आपकी मांसपेशियाँ मजबूत हो जायें, तो इसे बैठने, खड़े होने या चलने के साथ उसी तरीके से करने की कोशिश करें।

• निम्नलिखित चीजों से बचें: इसमें पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ना महत्वपूर्ण होता है। अपने पेट, जांघों या नितंबों की मांसपेशियों को सिकोड़ने से बचें। इसी तरह एक्सरसाइज के दौरान अपनी सांस को पकड़ने से बचें। एक्सरसाइज करते समय आपको पूरे समय खुलकर सांस लेनी चाहिए।

ठहराव- निचोड़ विधि

इस विधि में

• आपका पार्टनर आपके लिंग को तब तक उत्तेजित करता है, जब तक आप स्खलन के करीब न पहुँच जाएं।

• स्खलन से ठीक पहले, आपका साथी लिंग के सिर और शाफ्ट के जंक्शन पर लिंग के अंत को मजबूती से निचोड़ता है। वह निचोड़ को तब तक बनाए रखता है, जब तक कि आपका कड़ापन समाप्त न हो जाये।

• संभोग शुरू करने से पहले तकनीक को कई बार दोहराएं। कुछ सत्रों के बाद, आप यह जान जाते है कि ठहराव-निचोड़ तकनीक की आवश्यकता के बिना स्खलन में देरी कैसे करें।

स्टॉप-स्टार्ट विधि

इस विधि में

• इस विधि में आपका साथी आपके लिंग को तब तक उत्तेजित करता हैं, जब तक आप स्खलन के करीब न हो जाएं।

• स्खलन से ठीक पहले, आपका साथी आपको उत्तेजना के स्तर को कम करने के लिए उत्तेजित करना बंद कर देगा।

• एक बार जब आप नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो आपका साथी आपको फिर से उत्तेजित करना शुरू कर देगा।

स्खलन से पहले इस प्रक्रिया को कम से कम 3 बार दोहरायें। आपको इस विधि को सप्ताह में 3 बार दोहराना चाहिए जब तक कि आप बेहतर नियंत्रण प्राप्त न कर लें।

 

3. मौखिक दवाएं

ऐसी कई दवाएं हैं जिनका उपयोग हाँलांकि अन्य बीमारियों के लिए किया जाता है। लेकिन कई लोगों में स्खलन में देरी करने के लिए इन्हे प्रभावी पाया गया है। ये दवाएं इस प्रकार हैं-

• अवसादरोधी दवाएं: सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअप्टेक इनहिबिटर्स (एसएसआरआई) नामक दवाएं सेरोटोनिन हार्मोन पर कार्य करती हैं। यह कुछ पुरुषों में स्खलन में देरी करने के लिए प्रभावी पाई गई हैं। इसके लिए सेराट्रालाइन, पैराऑक्सेटिन या फ्लूऑक्सेटिन जैसी दवाओं का उपयोग किया जाता है। इनमें से पैराऑक्सेटिन सबसे प्रभावी मानी जाती है।

इन दवाओं को काम शुरू करने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। इसका पूरा प्रभाव दिखने में 2 से 3 सप्ताह का समय लग सकता है। यदि एसएसआरआई आपकी मदद नहीं करता है, तो डॉक्टर आपको ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट, क्लॉमिप्रामाइन लेने का सुझाव दे सकते है। इन दवाओं के दुष्प्रभावों में जी मिचलाना, नींद की भावना और कामेच्छा में कमी शामिल हो सकती है।

• दर्द खत्म करने की दवायें: ट्रामाडोल जैसे दर्दनिवारक भी स्खलन में देरी करने में मदद कर सकती है। जब एसएसआरआई प्रभावी नहीं होता है, तो डॉक्टर आपको ट्रामाडोल लिख सकते है। ट्रामाडोल को SSRI के साथ नहीं लिया जाना चाहिए। इसके साइड इफेक्ट में सिरदर्द, मतली, नींद का भावना और चक्कर आना आदि शामिल हो सकते हैं।

• फॉस्फोडिस्टेरेनेज़-5 इनहिबिटर्स: नपुंसकता के लिए ली जाने वाली कुछ दवाओं का उपयोग समय से पहले स्खलन के लिए किया जा सकता है। यह खासकर तब होता है, जब दोनों स्थितियां एक साथ होती हैं। इन दवाओं में सिल्डेनाफिल (वियाग्रा के ब्रांड नाम से प्रसिद्ध) या टैडलफिल शामिल हैं। जब इन दवाओं का उपयोग एसएसआरआई के साथ किया जाता है, तो ये दवाएं अधिक प्रभावी हो सकती हैं। इसके साइड इफेक्ट में सिरदर्द, चेहरे की फ्लसिंग, पेट में दर्द और बदहजमी शामिल हो सकते हैं।

 

4. सुन्न करने वाले एजेंट:

सुन्न करने वाली क्रीम और जैल:

एनेस्थेटिक क्रीम और स्प्रे को लगाने से लिंग सुन्न हो जाता है। शीघ्रपतन के इलाज के लिए यह उपयोगी होता है। जिन एजेंटों का उपयोग किया जा सकता है वे बेंजोकेन, लिडोकेन या प्रिलोकाइन हैं। ये क्रीम या स्प्रे आमतौर पर संवेदना और स्खलन में देरी को कम करने के लिए सेक्स से लगभग 10 से 15 मिनट पहले लिंग के सिर पर लगायें जाते हैं।

दुष्प्रभाव:

• यदि सुन्न क्रीम/स्प्रे अधिक समय के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो आप अपने लिंग का कड़ापन खो सकते हैं।

• सेक्स के दौरान उन्हें लिंग पर खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए, इससे योनि सुन्न हो सकती है। सेक्स करने से करीब 5 से 10 मिनट पहले क्रीम को धोना चाहिए।

कंडोम

आप लिंग संवेदनशीलता को कम करने के लिए कंडोम का उपयोग भी कर सकते हैं। ये स्खलन में देरी करने में मदद कर सकते हैं।

कुछ कंडोम बाजार में भी उपलब्ध हैं, जिनमें लिडोकेन या बेंजोकेन जैसे सुन्न एजेंट होते हैं। यह मोटे लेटेक्स से बने होते हैं, जो स्खलन में देरी करने में मदद कर सकते हैं। ये “क्लाइमेक्स कंट्रोल” कंडोम जैसे नामों से उपलब्ध हैं।

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