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बवासीर (पाइल्स)

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बवासीर क्या हैं?

बवासीर (हिमरोयड्स) छोटी-छोटी गांठें होती हैं। ये आपके गुदा और मलाशय में तथा उसके आसपास विकसित होती हैं। ये गांठें निम्नलिखित चीजों से बनीं होती हैः

• सूजी हुयी नसों (मुख्य रूप से)।

• सहायक ऊतकों (टिस्यू) से।

• मांसपेशियों से।

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ये आपके गुदा के चारों ओर गांठ के रूप में, या गांठ के बाहर आने जैसा महसूस हो सकती हैं। इसमें दर्द, खून बहना या गुदा के आसपास खुजली जैसे लक्षणों मौजूद होते है। ये गांठ मटर के आकार से लेकर अंगूर के आकार तक की हो सकती हैं।

एैसा अनुमान है कि, 50 साल की उम्र तक करीब 50 प्रतिशत आबादी लोगों को  बवासीर होता है।

हालांकि इसके इलाज के लिए, घरेलू उपचार, दवायें और सर्जरी आदि कई प्रभावी विकल्प उपलब्ध हैं।

बवासीर किस कारण होता है?

यह माना जाता है कि, बवासीर विभिन्न कारणों से होता हैं, जिनके प्रभाव निम्नलिखित होते हैं:

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वह कारक, जिनसे बवासीर विकसित हो सकता है:

• उम्र: यह अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा आम होता है। यह 45 से 65 वर्ष की आयु के बीच सबसे आम है। यह 20 वर्ष से कम आयु में शायद ही कभी होता है।

• बढ़ा हुआ दबाव:

मल के दौरान तनाव

– लंबी अवधि के लिए बैठना

– लंबे समय से कब्ज होना

गर्भवस्था की स्थिति

– नियमित रूप से भारी वजन उठाना

• आहार: कम फाइबर आहार या मसालेदार भोजन खाना

• क्रोनिक दस्त से भी बवासीर हो सकता है 

• मोटापा

बवासीर के संकेत और लक्षण क्या हैं?

आप बवासीर के प्रकार के अनुसार, विभिन्न संकेतों और लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। इसमें दो सबसे आम हैः

बाहरी बवासीर: गुदा के चारों ओर दर्दनाक कठोर सूजन होना

आंतरिक बवासीर: मलाशय से बिना दर्द के खून निकलना

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अन्य विशेषताँए जो नीचे दी गई हैं

बाहरी बवासीर/हिमरोयड्सआंतरिक बवासीर/हिमरोयड्स
1. यह आम तौर पर गुदा के आसपास एक दर्दनाक और कठोर गांठ के रूप में देखा जाता है1. यह आमतौर पर मलाशय से दर्द रहित रक्तस्राव (ब्लीडिंग) के रूप में होता है, जो मल के साथ, शौचालय पैन पर या आपके अंडरवियर पर हो सकता है
2. यह गुदा के चारों ओर नरम दर्द रहित गांठ के रूप में भी दिख सकते हैं2. जब आप गुदा और फैलाते या बढ़ाते हैं, तो आप गुदा से बाहर निकलने वाली गांठ भी देख सकते हैं
3. यह आपके गुदा क्षेत्र में जलन और खुजली का कारण बन सकता है3. प्रोलैप्स बवासीर आपके गुदा क्षेत्र में म्युकस के निकलने और जलन का कारण बन सकता है
4. बैठने या ज़ोरदार गतिविधि करने पर गुदा क्षेत्र में दर्द पैदा हो सकता है4. यह मल के अधूरा होने, और मल के साथ अपने अंडरवियर की नमी की अनुभूति भी पैदा कर सकता है
5. ब्लीडिंग कम आम होता है, यह केवल तभी देखा जाता है जब गाँठें फूट जाती हैं5. इसमें दर्द कम आम होता है, लेकिन यह तब होता है जब बवासीर क्लॉटेड, प्रोलैप्स या स्ट्रैन्गुलेटेड हो जाता है।

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डॉक्टर से परामर्श कब करें:

• यदि आपके गुदा से खून आता है, या मल के साथ खून आता है। यदि पेट साफ करने की आदत या मल के रंग में परिवर्तन होता है। यह कैंसर के लक्षणों का भी संकेत कर सकता है।

• यदि आप अधिक दर्द और असुविधा का अनुभव करते हैं।

• यदि घरेलू देखभाल के एक सप्ताह के बाद भी, स्थिति ठीक नहीं होती है।

बवासीर की जटिलताएं क्या हैं?

• एनीमिया। बवासीर से खून बहने से शायद ही कभी एनीमिया होता है। इसमें आपकी कोशिकाओं तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती हैं।

• स्ट्रैन्गुलेटेड बवासीर। यदि आंतरिक बवासीर को खून की आपूर्ति काट दी जाती है, तो बवासीर स्ट्रैन्गुलेट हो जाता है, जो अत्यधिक दर्द का कारण बन सकता है।

• खून का थक्का। कभी-कभी, बवासीर (थ्रोम्बोस्ड बवासीर) में थक्का भी बन सकता है। हालांकि यह खतरनाक नहीं होता है, लेकिन यह बेहद दर्दनाक हो सकता है। कई बार इसे चुभाकर फोड़ने और खून को बाहर निकालने की जरूरत होती है।

बवासीर की पहचान कैसे की जाती है?

आपके संकेतों और लक्षणों को ध्यान में रखते हुये आपके डॉक्टर गुदा और गुदा क्षेत्र का परिक्षण करेगें। इससे डॉक्टर बवासीर या किसी अन्य बीमारी की तलाश करते हैं, जिसके लक्षण बवासीर की तरह होते है।

• गुदा(एनस) क्षेत्र का निरिक्षण: आपके डॉक्टर गुदा से बाहर आने वाली किसी भी गांठ, सूजन, त्वचा की जलन या स्किन टैग, म्युकस (सफेद पदार्थ) तथा मल का रिसाव, गुदा में दरारों की उपस्थिति की जाँच करेंगे।

• डिजिटल परिक्षण इसके बाद, आपके डॉक्टर गुदा या मलाशय के अंदर मौजूद किसी भी विकृति को जानने के लिए उसमें उंगली डालकर उसकी जाँच करेंगे। इससे किसी भी असामान्य विकास, नरमी या जटिल आंतरिक बवासीर का पता चलता है।

• प्रक्रियाएं: चूंकि आंतरिक बवासीर बहुत मुलायम होते हैं, इसलिए आपके डॉक्टर उपकरणों का उपयोग करके आपके मलाशय और गुदा नसों की जांच कर सकते है। इसमें एनोस्कोप, प्रोक्टोस्कोप या सिग्मोइडोस्कोप आदि उपकरणों का उपयोग किया जाता है। कभी-कभी कोलोनोस्कोपी और फ्लेक्सिबल सिग्मोइडोस्कोपी करते समय, आपके डाॅक्टर आंतरिक बवासीर की भी पहचान कर सकते है।

बवासीर का इलाज कैसे करें?

बवासीर का इलाज इसकी गंभीरता, प्रकार, लक्षण और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर किया जाता है। इसके उपचार में निम्न विकल्प शामिल हैं:

• घरेलू उपचार

• दवाएं

• न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया

• सर्जरी

खून के थक्कों वाली बाहरी बवासीर को छोड़कर, अन्य सभी बवासीर में पहले घरेलू तथा दवाओं के उपचार की सलाह दी जाती है।

जब ग्रेड I या II आंतरिक बवासीर से पीड़ित व्यक्ति में ऊपर बताया गया इलाज काम नहीं करता है, तो उसे न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया का विकल्प चुनना चाहिए। ग्रेड III बवासीर के कुछ मामलों का इलाज प्रक्रियाओं द्वारा किया जा सकता है।

खून के थक्के वाली बाहरी बवासीर, या ग्रेड III या IV  आंतरिक बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को सर्जिकल उपचार अपनाना चाहिये।

घरेलू देखभाल और उपचार

आहार: सलाद, फल, साबुत अनाज और सब्जियों जैसे फाइबर से भरपूर भोजन खाएं।

तरल पदार्थ: कब्ज से बचने के लिए अच्छी मात्रा में पानी और अन्य स्वस्थ पेय पीएं।

कोल्ड पैक: आप ब्लीडिंग और बवासीर के आकार को कम करने के लिए तौलिया में लिपटे आइस पैक का उपयोग कर सकते हैं।

शौचालय की आदतें: मल पास करते समय और शौचालय पर बहुत लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान तनाव से बचें। यदि आपको मल गुजारने के बाद पोंछने की आदत हैं, तो बहुत कठोर पोंछने से बचें और इसके बजाय एक नम कागज का उपयोग करें।

कोमल दबाव: गुदा की नसों के अंदर बवासीर वापस डालने के लिए, एक कोमल दबाव का उपयोग किया जा सकता है।

गुदा स्वच्छता बनाए रखें: अपने गुदा क्षेत्र को सूखा और साफ रखें।

दवायें

सामयिक दवाएं: आप सपोसिटरी युक्त हाइड्रोकॉर्टिसोन, सुन्न करने वाले एजेंट या ओवर-द-काउंटर बवासीर क्रीम का उपयोग कर सकते हैं। बहुत लंबे समय तक, विशेष रूप से एक सप्ताह से अधिक के लिए स्टेरॉयड का उपयोग न करें, क्योंकि वे त्वचा के पतले होने का कारण बन सकते हैं।

• हाइड्रोकॉर्टिसोन रेक्टल क्रीम: इसें दिन में 2 से 4 बार बाहरी प्रभावित क्षेत्र में लगायें।

• बेंजोकेन रेक्टल मरहम: इसे दिन में 6 बार गुदा के आसपास के क्षेत्र में लगायें।

ओरल दर्दनाशक: आप दर्द को कम करने के लिए ओवर द काउंटर दर्दनाशक जैसे पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन ले सकते हैं। यदि आपके बवासीर से खून बह रहा है तो इबुप्रोफेन को लेने से बचें।

मल को नरम करने वाला: मल को नरम करने के लिए, फाइबर सप्लिमेंट जैसे साइलियम या मिथाइलसेल्यूलोज का इस्तेमाल करें।

न्यूनतम आक्रामक प्रक्रियाएं

रबर बैंड लिगेशन: यह आंतरिक बवासीर के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली सबसे अधिक न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर ग्रेड I और II बवासीर और ग्रेड III बवासीर के कुछ मामलों के लिए किया जाता है। यह 93 प्रतिशत की सफलता दर के साथ सबसे प्रभावी न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया है।

यह आमतौर पर अच्छी तरह से सहन करने वाली प्रक्रिया है। इसको ओपीडी के आधार पर किया जा सकता है। इसमें आपके डॉक्टर, आंतरिक बवासीर के आधार के चारों ओर छोटे रबर बैंड लगातें है, जो खून के दौड़ान को काट देता है। एक सप्ताह के समय के भीतर बवासीर के सिकुड़कर खत्म हो जाता है।

जटिलताएं: ये असामान्य होती हैं। इसमें प्रक्रिया के बाद खून का बहाव (ब्ली़डिंग) (2.5 प्रतिशत), बैंड (1 प्रतिशत) की फिसलन, पेशाब की रुकावट (1 प्रतिशत से कम) आदि शामिल हो सकते हैं।

मतभेद: एंटीकोगुलेशन थेरेपी, पेरिनल इंफेक्शन, एडवांस्ड सिरोसिस, एक्टिव आईबीडी।

स्क्लेरोथेरेपी:

डॉक्टर आंतरिक बवासीर के आधार में एक विशेष शोल्युसन (1 % सोडियम टेट्राडिसिल या बादाम या वनस्पति तेल में 5 % फिनॉल) इंजेक्ट करते है, जो वैस्कुलैरिटी और चोटिल ऊतक (scar tissue) के गठन का कारण बनता है। इस प्रक्रिया को ग्रेड I, II और III आंतरिक बवासीर में चुना जा सकता है, खासकर यदि कोई व्यक्ति एंटीकोगुलेशन थेरेपी पर है। यह दर्द या असुविधा को कम कर सकता है। हालांकि यह बैंड लिगेशन की तुलना में कम प्रभावी पाया जाता है।

जटिलताएं: यह अल्सर का कारण बन सकता है। इसमें शायद ही कभी, संक्रमण, गुदा छिद्र या फिस्टुला हो सकता है।

मतभेद: पेरिनल संक्रमण और सक्रिय आईबीडी।

इन्फ्रारेड कोगुलेशन या इलेक्ट्रोकोगुलेशन:

इसमें आपके डॉक्टर इंफ्रारेड विकिरण या बिजली का करंट का इस्तेमाल करते हैं। इससे बवासीर में खून की आपूर्ति रूक जाती है, और वह सिकुड़ जाता है। इस प्रक्रिया का उपयोग ग्रेड I या II बवासीर के लिए किया जा सकता है।

जटिलताएं: इसमें जटिलतायें मामूली होती हैं, जैसे दर्द या रक्तस्राव (ब्लीडिंग)।

मतभेद: पेरिनल संक्रमण और सक्रिय आईबीडी

सर्जरी:

बवासीर

इसमें आपके डॉक्टर, शल्य चिकित्सा द्वारा बवासीर को हटा देते हैं, जिससे लक्षणों में काफी राहत मिलती है। डाॅक्टर इसमें स्केलपेल, कैंची, डायथर्मी या अन्य उपकरणों का उपयोग करते है। यह प्रक्रिया एनिस्थिसिया के तहत की जाती है।

संकेत: इस प्रक्रिया को खून के थक्के वाली बाहरी बवासीर में, ग्रेड III या IV आंतरिक बवासीर में इस्तेमाल के लिए सोचा जाता है। इसका उपयोग उन सभी मामलों में भी किया जा सकता है, जिनमें गैर शल्य चिकित्सा उपचार काम नहीं करता है।

लाभ: यह लम्बे समय के लिए राहत प्रदान करता है।

नुकसान: इसमें ठीक होने में अधिक समय लग सकता है, जोकि कभी-कभी एक या दो महीना हो सकता है। सर्जरी के बाद इसमें उच्च जटिलता दर और दर्द हो सकता है।

जटिलतायें:

खून बहना (ब्लीडिंग)

पेशाब का ठहराव (34 प्रतिशत मामलों में  देखा गया) होना

गुदा की नसों सिकुड़न होना

संवेदना (sensation) का नुकसान होना

मल को रोक न पाना

बवासीर स्टेपलिंग

यहां, आपके डॉक्टर आंतरिक बवासीर ऊतक को हटाने के लिए स्टैपलिंग डिवाइस का उपयोग करते हैं। इस डिवाइस का उपयोग प्रोलैप्सिंग आंतरिक बवासीर को वापस रखने के लिए भी किया जाता है। यह सर्जरी भी एनेस्थीसिया के तहत की जाती है।

संकेत: आंतरिक घेर वाली प्रोलैप्सिंग बवासीर के लिए।

जटिलतायें:

खून बहना (ब्लीडिंग)

रेक्टोवेजाइनल फिस्टुला होना

संकुचन होना

असंयम होना

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