Your browser does not support JavaScript!

चार रोजमर्रा के मसाले और आपको उन्हें अपने आहार में क्यों शामिल करना चाहिए

This post is also available in: English (English)

मसालों का इस्तेमाल पूरी दुनिया में खाना बनाने के लिए होता है। यह भोजन को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाता हैं।

हालांकि, हम में से ज्यादातर लोग मसालों को केवल भोजन को स्वादिष्ट बनाने वाली चीज समझते हैं। लेकिन इन मसालों में स्वाद और सुगंध के अलावा भी बहुत कुछ है। अधिकांश मसालों का उपयोग प्राचीन और पारंपरिक चिकित्सा में उनके कई स्वास्थ्य लाभों के लिए किया गया है।

नीचे 4 मसाले बताये गये है, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर हमारी भारतीय रसोई में होता है। इनसे जुड़े कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं।

लहसुन:

लहसुन खाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाली एक आँड़ी है, जिसका संबंध लिली फैमिली से है। लहसुन की एक आँड़ी में लगभग 15-20 लहसुन होते हैं। यह दुनिया भर में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला रसोई मसाला है।

लहसुन कई रूपों में आता हैं, जैसे पूरा लहसुन, लहसुन पाउडर, और लहसुन का तेल। इनका इस्तेमाल भोजन को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाने के लिए होता है। स्वास्थ्य लाभों के लिए लहसुन के उपयोग का वर्णन हमें चीनी, भारतीय, जापानी, रोमन और यूनानियों जैसी प्राचीन सभ्यताओं में मिलता है। आज, यह एक व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला आहार पूरक बन गया है।

लहसुन में एलीन नामक अमीनो एसिड होता है। जब आप लहसुन को काटते या कुचलते हैं, तब इससे एलीनोस नामक एंजाइम निकलता है। यह अमीनो एसिड और एंजाइम एलीसिन बनाने के लिए प्रतिक्रिया करते हैं। एलीसिन वह है, जो लहसुन को इसका औषधीय मूल्य देता है।

लहसुन के कुछ सिद्ध स्वास्थ्य लाभ हैं:

 

1. लहसुन बहुत पौष्टिक है

लहसुन में कैलोरी बहुत कम होती है, लेकिन फिर भी यह बहुत पौष्टिक होता है। लहसुन का एक टुकड़ा वजन में लगभग 3 ग्राम होता है, और इसमें सिर्फ 4.47 कैलोरी होती है।

हालांकि, यह अभी भी यह कैल्शियम, विटामिन सी और बी 6, फाइबर, और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर है।

 

2. आम सर्दी से लड़ने में मदद करता है

एक अध्ययन के अनुसार लहसुन में मौजूद एलीसिन आम सर्दी से लड़ने में मदद करता है। एक अध्ययन में शामिल 146 लोगों में, एलीसिन-प्राप्त करने वाले केवल 24 लोगों में ठंड विकसित हुयी, जबकि प्लैसिबो प्राप्त करने वाले 65 लोगों में ठंड विकसित हुयी। प्लैसिबो समूह की तुलना में उनके लक्षण भी कम समय तक चले, 1.52 दिन बनाम 5.01 दिन।

 

3. लहसुन के पुराने रस से ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है

लहसुन में फ्लेवोनॉइड जैसे फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को रोकते हैं। लहसुन के पुराने रस से एंटीऑक्सीडेंट गुण उत्पन्न होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव नुकसान को कम करते हैं।

अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित 50 लोगों पर, जो इसका उपचार ले रहे थे, उन पर एक अध्ययन किया गया। एक समूह को 12 सप्ताह के लिए लहसुन का पुराना रस दिया गया, जबकि बाकी को प्लैसिबो दिया गया। वह मरीज जिनका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 140 एमएमएचजी से अधिक था, उनमें 12 सप्ताह के बाद ब्लड प्रेशर के स्तर में कमी देखी गयी।

 

4. कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार:

हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित 42 पुरुषों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला कि, लहसुन से इस्तेमाल से गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) में काफी वृद्धि हुयी। इन पुरुषों को हर दिन 600 मिलीग्राम लहसुन पाउडर की गोलियां दी जाती थीं, जबकि कुछ को प्लेसबो दिया जाता था। जिन मरीजों को लहसुन पाउडर दिया गया, उनमें 12 हफ्तों के बाद टोटल कोलेस्ट्रॉल में 7.6% की कमी देखी गयी और एचडीएल में 11.5% की वृद्धि देखी गयी।

 

5. डिमेंटिया के खतरे को कम करता है

कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है। चूंकि लहसुन कोलेस्ट्रॉल के स्तर के साथ-साथ ब्लड प्रेशर को कम करता है, इसलिए यह डिमेंटिया के खतरे को अपने आप कम कर देता है।

 

लहसुन के दुष्प्रभाव

लहसुन का सेवन ज्यादातर मामलों में सुरक्षित माना जाता है। लहसुन की सांस, लहसुन का सेवन करने के दुष्प्रभावों में से एक है। कुछ मामलों में लहसुन का सेवन जी मिचलाना और दस्त का कारण बन सकता है।

अधिक जानें …

अदरक

अदरक, वास्तव में अदरक के पौधे की जड़ होती है, जिसका संबंध हल्दी से है। इसका उपयोग आमतौर पर एक मसाले के रूप में होता है। इसे आप ताजे, सूखे, या पाउडर रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अदरक पोषक तत्वों से भरा हुआ है, जो आपके शरीर के लिए अच्छा है। इसका इस्तेमाल वर्षों से पारंपरिक चिकित्सा के रूप में होता आ रहा है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ है, उनमें से कुछ नीचे दिये गये:

 

1. एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेट्री एजेंट

अदरक में एक कम्पाउंड होता है, जिसे जिंजरोल के नाम से जाना जाता है। यही जिंजरोल अदरक को स्वाद और गंध देता है। इसके अलावा, इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री प्रभाव भी होते हैं। इसका मतलब यह है कि,अदरक में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने की क्षमता होती है, जो दिल की बीमारी, अल्जाइमर आदि विभिन्न बीमारियों का कारण बनती है। एंटीइंफ्लामेट्री गुण गठिया जैसी बीमारियों में सूजन के कारण होने वाले दर्द को दूर करने में मदद करता है।

 

2. एंटी-नाॅसिया एजेंट

अदरक का उपयोग काफी लम्बे समय से, जी मिचलाने में राहत के लिए किया जाता आ रहा है। यह आंतों की गैस को बाहर निकालने में मदद करता है।

गर्भवती महिलाओं को जी मिचलाना कम करने के लिए अदरक का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसका उपयोग सी-सिकनेस में काफी  मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार, जिन गर्भवती महिलाओं ने 250 मिलीग्राम कैप्सूल में अदरक प्राप्त किया, उनमें प्लेसबो प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं की तुलना में, जी मिचलाने की समस्या कम पायी गयी।

 

3. एंटी-कैंसरजनक

अदरक में मौजूद जिंजरोल में कैंसर रोधी गुण होते हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि, यह ट्यूमर के विकास को रोकता है।

 

4. मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है

अध्ययनों से पता चला है कि, मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिलाने में अदरक का प्रभाव दर्द निवारक दवाईयों के समान होता है।

 

अदरक के दुष्प्रभाव:

अदरक काफी हद तक सेवन के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ मामलों में, यह मुंह में चकत्ते, जलन या परेशानी का कारण बन सकता है।

अधिक जानें …

दालचीनी

दालचीनी एक मसाला है, जिसका इस्तेमाल इसके सुगंधित और स्वादिष्ट गुणों के लिए होता है। पूरी दुनिया में इसका उपयोग स्वादिष्ट और मीठा खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए होता है। दालचीनी, सदियों से अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।

दालचीनी दो प्रकार की होती है:

सिनेमोमम वेरम या सीलोन दालचीनी, जिसे असली दालचीनी के रूप में भी जाना जाता है।

सिनेमोमम कैसिया, जिसका उपयोग आमतौर पर अधिक किया जाता है।

दालचीनी का पेड़, एक सदाबहार पेड़ है, जिसके छाल काटे जाते हैं। छाल सूखाकर उसे घुमावदार रोल में बदल दिया जाता है, जिसे दालचीनी की छड़ें कहा जाता है। इन छड़ियों का उपयोग साबुत या पाउडर के रूप में किया जा सकता है।

स्वाद और गंध तैलीय भागों से आते हैं। इस तेल भाग में एक कंपाउन्ड होता है, जिसे सिनामाल्डिहाइड कहते है, जिसमें औषधीय होते हैं। यह अपने जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुणों के लिए जाना जाता है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण पाये जाते है।

• दिल की बीमारी के खतरे को कम करता है- टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित 60 लोगों पर एक अध्ययन किया गया। उन्हें 10-10 लोगों के 6 समूहों में विभाजित किया गया। तीन समूहों को प्लेसबो टेबलेट दी गई, और अन्य 3 को 40 दिनों के लिए रोज 1-3 ग्राम दालचीनी दी गई। अध्ययन में यह पता चला कि दालचीनी का सेवन करने वाले समूहों में एलडीएल, फास्टिंग सीरम ग्लूकोज और टोटल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कमी देखी गयी। कम कोलेस्ट्रॉल लेवल का मतलब है दिल स्वस्थ्य है, दिल की बीमारियों का खतरा कम है।

• डायबिटीज में प्रभावी है: एक अध्ययन के अनुसार, दालचीनी के इस्तेमाल से टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित रोगियों में फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज में 18-29% तक की कमी देखी गयी।

• विभिन्न संक्रमणों से बचाने में मदद करता है: दालचीनी के रोगाणुरोधी और जीवाणुरोधी गुण आम सर्दी जैसे विभिन्न संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं।

अच्छा पौष्टिक मूल्य: 100 ग्राम दालचीनी में 53 ग्राम डायटरी फाइबर और लगभग 4 ग्राम प्रोटीन होता है। दालचीनी में आयरन और कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है।

 

दालचीनी के दुष्प्रभाव:

• दालचीनी में कौमारिन होता है, जो एक बेरंग ठोस होता है। अध्ययनों के अनुसार, कौमारिन के अत्यधिक सेवन से लिवर को नुकसान हो सकता है।

• दालचीनी बहुत से लोगों में मुंह के घावों का कारण बन सकती है।

• दालचीनी में मौजूद सिनामाल्डिहाइड गले में जलन पैदा कर सकता है।

• हालांकि दालचीनी अपने डायबिटीज रोधी प्रभावों के लिए जाना जाता है, लेकिन बहुत अधिक दालचीनी खाने से हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसका मतलब है कि ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दालचीनी इंसुलिन की तरह ही व्यवहार करती है, जो खून से शुगर को निकालती है।

अधिक जानें …

जीरा

यह मसाला है जो क्युमिनम सिमिनम के पौधे से प्राप्त होता है। इसका उपयोग बीज या पाउडर रूप में किया जाता है। अधिकांश मसालों की तरह, जीरा का उपयोग दुनिया भर में औषधीय उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। जीरा के कुछ स्वास्थ्य लाभ हैं:

• पाचन में सुधार: जीरा का उपयोग वर्षों से पाचन में सुधार के लिए किया जाता रहा है। यह डायजेस्टिव एंजाइम गतिविधि को बढ़ाकर पाचन को बढ़ाता है।

• ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार: जीरा आपके ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छा भोजन है। एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग 3 महीने के लिए दिन में दो बार 3 ग्राम जीरा का सेवन करते थे, उनमें जीरा का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में, एचडीएल का लेवल अधिक था। एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि, एलडीएल में 10% की कमी आई थी ।

• लोहे का प्राकृतिक स्रोत: जीरा लोहे से भरपूर होता है, और दैनिक मूल्य सेवन का 22% तक प्रदान कर सकता है।

• डायबीटीज में लाभकारी हैं: टेस्ट-ट्यूब अध्ययनों के अनुसार, जीरा में ऐसे गुण होते हैं जो एडवाँस ग्लाइकेशन एन्ड उत्पादों (एजीई) को कम करने में मदद करता है। ये लंबे समय तक उच्च ब्लड शुगर के कारण उत्पादित होते हैं। जीरा सीरम इंसुलिन के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करता है।

• एंटी-माइक्रोबियल गुण हैं: जीरा का उपयोग अपने एंटी-माइक्रोबियल गुणों के कारण, वर्षों से खाद्य परिरक्षक (प्रिजर्वेटिव) के रूप में किया जाता है। यह ई कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया के खिलाफ प्रतिरोधी होने के लिए जाना जाता है।

• यह नेचर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री होता है।

 

जीरा के साइड इफेक्ट्स:

अन्य मसालों की तरह जीरा को सेवन के लिए सुरक्षित माना जाता है। शोध के अनुसार जीरा का रोज का सेवन 300-600 मिलीग्राम के बीच होनी चाहिए। इस स्तर से अधिक सेवन ब्लड शुगर लेवल की कमी और जलन जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।

 

अधिक जानें …

अंत शब्द

सिर्फ इसलिए कि ये मसाले कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि ये बीमारियों का पूरी तरह से इलाज कर सकते हैं। इन मसालों को अपने आहार में शामिल करने का मतलब है कि, ये बीमारियों के लक्षणों को कम करने में सहायता करेंगे। यह रोग से पूरी तरह से खत्म नहीं करते है। इसका मतलब यह भी नहीं है कि आप ऑल आउट जाएं और बड़ी मात्रा में उपभोग करें। कम मात्रा में लेने से इन मसालों में से अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने की सलाह दी जाती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर चीज की अधिकता खराब है।

 

लाभलहसुनअदरकदालचीनीजीरा
आम सर्दी से लड़ता हैएंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेट्री गुण होते हैविभिन्न संक्रमणों से बचाता हैपाचन में सुधार करता है
ब्लड प्रेशर को कम करता हैएंटी-नाॅजिया एजेंट होते हैदिल की बीमारी के जोखिम को कम करता हैब्लड कोलेस्ट्रॉल में सुधार करता है
कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करता हैएंटी-कैंसर होता हैडायबिटीज रोधी प्रभाव होते हैंडायबिटीज रोधी गुण होते हैं
डिमेंटिया के खतरे को कम करता हैमासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करता हैअच्छा पौष्टिक वैल्यू होता हैएंटी-माइक्रोबियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं

अधिक जानें …

TOP HEALTH NEWS & RESEARCH

Breast cancer: One-dose radiotherapy ‘as effective as full course’

Breast cancer: One-dose radiotherapy ‘as effective as full course’

A single targeted dose of radiotherapy could be as effective at treating breast cancer as a full course, a long-term…

Coronavirus smell loss ‘different from cold and flu’

Coronavirus smell loss ‘different from cold and flu’

The loss of smell that can accompany coronavirus is unique and different from that experienced by someone with a bad…

Lancet Editor Spills the Beans

Lancet Editor Spills the Beans

Editors of The Lancet and the New England Journal of Medicine: Pharmaceutical Companies are so Financially Powerful They Pressure us…

मदर एंड चाइल्ड

प्रसवोत्तर जटिलतायें और देखभाल

प्रसवोत्तर जटिलतायें और देखभाल

प्रसवोत्तर अवधि क्या है? एक प्रसवोत्तर अवधि एक एैसा समय अंतराल है, जिसमें मां बच्चे को जन्म देने के बाद…

प्रसवोत्तर आहार- (बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रसव के बाद आहार सिफारिशें)

प्रसवोत्तर आहार- (बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रसव के बाद आहार सिफारिशें)

प्रसवोत्तर या स्तनपान आहार क्या है? पोस्टपार्टम डाइट वह डाइट है, जो मां को एक बार बच्चे के जन्म के…

गर्भावस्था के लिए खाद्य गाइड

गर्भावस्था के लिए खाद्य गाइड

बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए खाने और बचने वाले खाद्य पदार्थों की सूची गर्भ धारण करने के बाद, बच्चे…

मन और मानसिक स्वास्थ्य

सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) – निदान

सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) – निदान

कैसे सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) का निदान किया जाता है? नैदानिक इतिहास: डॉक्टर आम तौर पर लक्षणों का विस्तृत इतिहास…

सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) – उपचार

सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) – उपचार

कैसे सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) का इलाज किया जाता है? सामान्यीकृत चिंता विकार का उपचार लक्षणों की गंभीरता और जीवन…

सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी)

सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी)

सामान्यीकृत चिंता विकार क्या है? चिंता, किसी ऐसी चीज के बारे में परेशानी या घबराहट की भावना है, जो हो…