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मां का दूध या फॉर्मूला

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मां का दूध या फार्मूला

मां का दूध आपके नवजात शिशु के लिए पोषण का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। जीवन के शुरुआती महीनों में अपने बच्चे को केवल स्तन का दूध पिलायें। हालांकि, कुछ चिकित्सा और व्यावहारिक परिस्थितियां आपको ऐसा करने से रोक सकती हैं।

आजकल बाजार में एैसे कई सारे फार्मूला दूध उपलब्ध है जो, स्तन के दूध की तरह होने का दावा करते हैं। ये आपके बच्चे के पोषण की सभी जरूरत को कवर करते हैं, और इष्टतम विकास (आप्टिमम ग्रोथ) को बढ़ावा देते हैं।

आइये देखते हैं कि, पोषण और फायदे के मामले में मां के दूध के खिलाफ फॉर्मूला मिल्क कैसे काम करता है। साथ ही यह समझें कि, स्थिति के अनुसार कौन सा दूध आपके बच्चे के लिए अच्छा होगा।

मां के दूध में क्या है?

स्तनपान

मां के दूध में बच्चे के विकास के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व (फैट, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल, विटामिन आदि) होते हैं।

इसके अलावा, इसमें ऐसे घटक होते हैं जो आपके बच्चे को संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य खतरों से बचाते हैं।

 

स्तन के दूध में पोषक पदार्थ:

• प्रोटीन: स्तन के दूध में मुख्य रूप से दो प्रकार के प्रोटीन होते हैं, पहला व्हे (60-80%) और दूसरा कैसिन (40%)। यह अनुपात नवजात शिशु के पाचन तंत्र के साथ मदद करता है, जिससे इसे पचाने में आसानी होती है।

• लैक्टोफेरिन: यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में लोहे पर निर्भर बैक्टीरिया (जैसे यीस्ट और कॉलीफॉर्म) के विकास को रोकता है।

• एंटीबॉडी: दूध में सिक्रेटरी आईजीए होता है, जो बच्चे को वायरस और बैक्टीरिया से बचाने में मदद करता है। स्तन के दूध में आईजीजी और आईजीएम जैसे कुछ इम्यूनोग्लोबुलिन भी मौजूद होते हैं। भोजन में मछली शामिल करने से आपके दूध में इम्यूनोग्लोबुलिन की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलती है।

• सुरक्षात्मक एंजाइम: दूध में मौजूद आयसोजाइम नामक एंजाइम आपके बच्चे को ई. कोलाई और साल्मोनेला से बचाता है। इसमें एन्टी इंफ्लामेट्री गुण होते हैं, जो स्वस्थ गैस्ट्रिक फ्लोरा को बढ़ावा देते हैं।

• प्री-बायोटिक: मां के दूध में बाईफिडस फैक्टर होता है, जोकि एक प्रकार का प्री-बायोटिक होता है। यह लैक्टोबेसिलस नामक अच्छे बैक्टीरिया के विकास और रखरखाव को बढ़ावा देता है। लैक्टोबेसिलस एक अम्लीय वातावरण बनाकर हानिकारक बैक्टीरिया को मारता है, और आपके बच्चे की इस हानिकारक बैक्टीरिया से सुरक्षा करता है।

• फैट: इसमें जरूरी फैट होता है, जो आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है। यह दिमाग, आंख और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) के विकास को बढ़ावा देता है, और ऊर्जा और कैलोरी के प्राथमिक स्रोत के रूप में काम करता हैं। स्तन के दूध में फैट, फैट-सोल्युबल विटामिन के अवशोषण (अबसार्पशन) में मदद करता है, और कैलोरी के प्राथमिक स्रोत के रूप में कार्य करता है।

• विटामिन: कई सारे फैट-सोल्युबल विटामिन जैसे, ए, डी, ई और के बच्चे के उचित विकास के लिए आवश्यक हैं। दूध में उनकी संरचना मां के आहार पर निर्भर करती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार, एक वर्ष की आयु तक शिशु को विटामिन डी की 400 आईयू (अंतर्राष्ट्रीय इकाइयों) की आवश्यकता होती है; इसलिए विटामिन डी सप्लीमेंट जरूरी है।

• कार्बोहाइड्रेट: लैक्टोज मां के दूध का मुख्य कार्बोहाइड्रेट है। यह कैलोरी की कुल मात्रा का 40% होता है। यह पाचन तंत्र के बैक्टीरिया मुक्त फ्लोरा को बनाये रखने में मदद करता है, इस तरह यह कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम के अवशोषण में सुधार करता है, और साथ ही, पेट में स्वस्थ बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है।

• कोलोस्ट्रम: यह शुरु के स्तन के दूध में मौजूद सबसे महत्वपूर्ण घटक होता है। यह आपके शिशु के पेट की परत को कोट और कवर करता है, और उसे परिपक्व दूध (मैच्योर मिल्क) को पचाने के लिए तैयार करता है।

• हार्मोन: स्तन के दूध में हार्मोन कई कार्य करते है। ये मां और बच्चे के संबंध को मजबूत बनाते हैं, और भूख को नियंत्रित करते है।

• अन्य सहायक घटक: सफेद रक्त कोशिकाएं- ये कोशिकाएं संक्रमणों से लड़ने और प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करती हैं। लाभकारी बैक्टीरिया आपके शिशु के पेट की रक्षा करते हैं, और ओलिगोसैकराइड्स जैसे प्रीबायोटिक्स आंत स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं। न्यूक्लियोटाइड और हार्मोन, एक स्वस्थ स्लीप-वेक पैटर्न विकसित करने में मदद करते हैं।

 

फॉर्मूला पर स्तन दूध का लाभ

• प्राकृतिक: यह सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है, जो एक स्वस्थ्य शिशु के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व और एंटीबॉडी प्रदान करता है।

• जरूरत के हिसाब से फ्लेक्सिबल कंपोजीशन: स्तन का दूध आपके बच्चे के लिए एक टेलर्ड तरल पदार्थ है, जो आपके बच्चे की बदलती परिस्थितियों के अनुकूल है। उदाहरण के लिए, यदि बच्चा बीमार पड़ जाता है, तो मां का शरीर संक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए अधिक सफेद रक्त कोशिकाओं और एंटीबॉडी का उत्पादन करने का संकेत देता है।

• पचाने में आसान: स्तन का दूध पचाने में आसान होता है, और इस प्रकार यह कोलिकी दर्द की संभावना को कम करता है।

• संक्रमण से सुरक्षा: यह आपके बच्चे को सामान्य सर्दी, कान के संक्रमण, यूटीआई और अस्थमा और एसआईडीएस (सडेन इंफेन्ट डेथ सिंड्रोम) से बचाता है।

• मोटापे से रोकथाम में मदद करता है।

• बुद्धि का विकास: स्तन दूध आपके बच्चे में बेहतर IQ बढ़ाने में मदद करता है।

• चेहरे की मांसपेशियों का विकास: बच्चे के चेहरे की मांसपेशियों को विकसित करता है।

• स्तनपान करने वाले बच्चों में विकास बहुत जल्दी होता हैं, खासकर बोलने में।

• बेहतर बॉन्डिंग: मां और बच्चे में बेहतर बॉन्डिंग विकसित होती है। यह प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के रिलीज के कारण होता है।

• क्रोनिक रोगों से बचाव: यह अस्थमा, टाइप 1 और 2 डायबिटीज, ल्यूकेमिया, लिंफोमा और हॉगकिन लिंफोमा विकसित होने के जोखिम को कम करता है।

• माताओं में रोग की रोकथाम: यह माताओं के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इससे ब्रेस्ट कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग, ओवेरियन मैलिग्नेंसी और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो जाता है।

• यह वजन कम करने में मदद करता है, क्योंकि स्तनपान के परिणामस्वरूप प्रति दिन 500 कैलोरी खत्म होती है।

 

स्तन के दूध के अतिरिक्त फायदे

• यह सुविधाजनक होता है।

• सस्ती और कम लागत वाला होता है।

• फ़ीड तैयार करने के लिए कम समय लगता है।

• किसी स्टर्लाईजेशन और बर्तन धोने की आवश्यकता नहीं होती है।

• आसान होता है।

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फॉर्मूला मिल्क में क्या है?

सूत्र-दूध-टिन

फार्मूला दूध की सामग्री ब्रांड और देश के अनुसार अलग-अलग होती हैं। लेकिन आम तौर पर, इसमें अतिरिक्त इमल्सिफायर और स्टेबलाइजर के साथ संसाधित स्किम्ड गाय का दूध होता है, जो दूध को पानी के साथ तैयार करने में मदद करता है।

 

फाॅर्मूला दूध में पोषक पदार्थ:

• लैक्टोज: यह फॉर्मूला मिल्क का मुख्य घटक है। यह दूध में प्राकृतिक रूप से पायी जाने वाली चीनी (कार्बोहाइड्रेट) है, जिसे मिल्क शुगर भी कहा जाता है। इसमें फ्रुक्टोज, कॉर्न सिरप या माल्टोडेक्स्ट्रिन जैसी अन्य शुगर भी मौजूद हो सकते हैं।

• पौधे आधारित तेल: फॉर्मूला दूध में पाम, रेपसीड, नारियल, सूरजमुखी और सोयाबीन जैसे वनस्पति तेल होते हैं।

• फैटी एसिड: इसमें मछली के तेल से प्राप्त फैटी एसिड होते है। डीएचए (डोकोसाहेक्सानोइक एसिड) और एआरए (आरेकिडोनिक एसिड), स्तन के दूध में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले आवश्यक फैटी एसिड होते हैं।

• विटामिन और मिनरल: ये पशु और पौधों के स्रोतों से प्राप्त होते हैं।

• एंजाइम और अमीनो एसिड

• प्रोबायोटिक्स (कुछ फॉर्मूला में)

• आयरन

 

फॉर्मूला मिल्क के फायदे

• तैयार करने में आसान: एक गिलास पानी में कुछ चम्मच फॉर्मूला मिल्क मिलायें, और दूध बनाने के लिए उसे अचछी तरह से मिलायें। यह बच्चे के लिए पोषण का आसान और त्वरित स्रोत प्रदान करता है।

• खिलाने में आसानी: आपको फीड की जगह और समय के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इसे आप अपने शिशु को किसी भी समय दे सकते हैं।

• बेहतर समय प्रबंधन: यह काम और पंपिंग शेड्यूल के बीच मल्टीटास्किंग से जुड़े तनाव से बचाता है।

• आसान शेड्यूलिंग: चूंकि, फॉर्मूला मिल्क स्तन के दूध की तरह जल्दी नहीं पच पाता है, इसलिए फीड को शेड्यूल करना और बच्चे के लिए एक रूटीन स्थापित करना आसान हो जाता है।

• खिलाने का वैकल्पिक स्रोत: आपका साथी रात की फिडिंग के साथ मदद कर सकता है, और बच्चे के साथ विशेष संबंध अनुभव साझा कर सकता है।

• मातृ पोषण पर निर्भर नहीं करता है: इसके लिए मां को हर बार संतुलित भोजन करने की चिंता नहीं करनी पड़ती। स्तनपान कराने वाली मां द्वारा कई खाद्य पदार्थों से बचा जाता है, जोकि शिशु को आसानी से पचाने वाला दूध प्रदान करता है। यदि आप स्तनपान नहीं करा रही हैं, तो एक गिलास शराब या कॉकटेल का आनंद ले सकते हैं। स्तनपान कराने वाली माताओं को इससे बचना होगा क्योंकि, इसकी एक छोटी मात्रा स्तनपान के माध्यम से शिशुओं में जा सकती है।

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फार्मूला दूध बनाम स्तन दूध स्वास्थ्य लाभ

 

स्तन का दूधफॉर्मूला मिल्क
• आपके बच्चे की स्कूल में  व्यवहार, देखने और दांत संरेखण के साथ बेहतर करने की संभावना में सुधार करता है।

• जीवन में बाद में क्रोनिक बीमारियों जैसे मोटापा, टाइप 1 और 2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है।

• संक्रमण के खतरे को कम करता है

• स्तनपान के दौरान त्वचा के एक दूसरे के संपर्क में आने से मां और बच्चे के बीच बेहतर संबंध में मदद करता है।

• शिशुओं की आवश्यकता के अनुसार विशेष रूप से टेलर्ड किया जाता है। इसकी संरचना हर बार एक अलग स्वाद के साथ दिन (सुबह से शाम) के समय से भिन्न होती है।

• जन्म के समय कम वजन और समय से पहले जन्में बच्चों में विकास की कमी के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह तब और महत्वपूर्ण हो जाता है, जब बच्चे में चूसने की क्षमता नहीं होती है,  जोकि स्तनपान को प्रभावित करती है।

• यह किसी भी समय और स्थानों पर बच्चे को खिलाने की अनुमति देता है।

• यह तब और उपयोगी हो जाता है, जब मां स्वास्थ्य की स्थिति के कारण बच्चे को दूध नहीं पिला पाती है या फिर मां को पोषण की कमी होती है।

• अगर आप शराब पीते हैं या धूम्रपान करते हैं तो यह आपके बच्चे को प्रभावित नहीं करता है। हालांकि, निष्क्रिय धूम्रपान आपके बच्चे को प्रभावित कर सकता है और यहां तक कि SIDS की संभावना को भी बढ़ा सकता है।

संदेश

इतने सारे अनोखे फायदों के साथ यह बिल्कुल साफ है कि मां का दूध फॉर्मूला मिल्क से बेहतर है। इसकी संरचना और विभिन्न परिस्थितियों से बच्चे की रक्षा की इसकी अंतर्निहित गुणवत्ता इसे एक स्पष्ट विजेता बनाता है।

हालांकि, उपयोग की आसानी और व्यावहारिकता में कुछ फायदों के कारण, फार्मूला दूध एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। आम तौर पर, डॉक्टर और स्वास्थ्य संगठन इन संकेतों के खिलाफ उपयोग की सलाह देते हैं। ऐसा फॉर्मूला मिल्क के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने और इसके बजाय स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

फार्मूला दूध का उपयोग आमतौर पर स्थितियों में इंगित किया जाता है, जहां मातायें दूध का पर्याप्त उत्पादन करने में असमर्थ होती हैं, या बच्चे को ठीक से स्तनपान नहीं करा पाती हैं।

डब्ल्यूएचओ पहले छह महीनों के लिए बच्चे को स्तनपान कराने की सलाह देता है।

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स 1 साल की उम्र के लिए या बच्चे के लिए और मां की भलाई के लिए आवश्यक होने तक स्तनपान की सिफारिश करता है।